कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य नेता बौखलाहट में आकर बयान बाजी कर रहे हैं: सुरेश कश्यप 

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य नेता बौखलाहट में आकर बयान बाजी कर रहे हैं: सुरेश कश्यप 

Sorry, this news is not available in your requested language. Please see here.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य नेता बौखलाहट में आकर बयान बाजी कर रहे हैं: सुरेश कश्यप

शिमला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य नेता बौखलाहट में आकर बयान बाजी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पालमपुर और सोलन नगर निगम में जीतकर उनको लग रहा है कि हिमाचल प्रदेश में उन्होंने राजनीतिक बदलाव कर दिया है पर उनकी गलतफहमी जल्द ही दूर हो जाएगी जब फतेहपुर विधानसभा उपचुनाव एवं मंडी लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस को कड़ी हार का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम चुनावो में जिस प्रकार से कार्य किया वह सराहनीय है। भाजपा एवं सरकार ने इन चुनावों में किसी भी प्रकार के बल का प्रयोग नहीं किया अपितु कांग्रेस के नेताओं में अंतर्कलह इतनी है कि कांग्रेस के जीते हुए पार्षद स्वयं भाजपा के संपर्क में रहे थे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को वर्तमान भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कार्यप्रणाली से डर लगना शुरू हो गया है जिसके कारण वह मुख्यमंत्री के खिलाफ तथ्यहीन बयानबाजी कर रहे हैं। जहां कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर व कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर को अपने शब्दों पर संयम रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिस प्रकार से पिछले 3 वर्ष में कार्य किया है वह सराहनीय है जिसमें हर वर्ग का ख्याल रखा गया है और प्रदेश सरकार पर एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लग पाया है। जिन आरोपों की बात कांग्रेस के नेता कर रहे हैं वह मनगढ़ंत है।

कांग्रेस राज में न तो इस सरकार ने प्रदेश का कोई विकास किया और न ही जनता की समस्याओं का समाधान । पिछली कांग्रेस सरकार में ऐसा नहीं लगा कि प्रदेश में कोई सरकार भी है बल्कि ऐसा लगा कि प्रदेश में माफिया राज है , क्योकि कांग्रेस सरकार में वन माफिया , खनन माफिया , ड्रग माफिया , भू – माफिया , शराब माफिया व तबादला माफिया लगातार हावी रहा था । हिमाचल प्रदेश के कई नेताओं ने अपना कार्यकाल में अपने ऊपर लगे आय से अधिक सम्पति व भ्रष्टाचार के मामलो में से बचने का प्रबन्ध करने में ही बिता दिए । मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों , विधायकों व बोर्ड , निगमो के अध्यक्षों , उपाध्यक्षों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने से ” अलीबाबा और चालीस चोर ” वाली कहानी चरितार्थ हो रही थी। कुल मिलाकर जब जब कांग्रेस सरकार आयी है वह हर मोर्चे पर पूर्णरूप से विफल साबित हुई है और हिमाचल प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा करने में नाकाम रही है ।