खन्ना ने अपनी पुस्तक ‘आई एम ए कोरोना सरवाइवर’ पंजाब के राज्यपाल को की भेंट

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– कोरोना को हराने के जज्बे की दास्तां है ‘आई एम ए कोरोना सरवाइवर’: खन्ना

चंडीगढ़, 29 जून:

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने अपनी एक पुस्तक ‘आई एम ए कोरोना सरवाइवर’ को पंजाब के राज्यपाल वी.पी सिंह बदनौर को भेंट की। खन्ना के साथ इस अवसर पर उनके साथ भाजपा के युवा नेता विनीत जोशी भी मौजूद थे।

इस अवसर पर अविनाश राय खन्ना ने कहा कि मैं एक कोरोना यौद्धा हूं नामक पुस्तक कोरोना महामारी के दौरान अपने से जुड़े संबंधित घटनाक्रमों को उल्लेखित किया गया है, जिसमें लाकडाऊन के दौरान एक यौद्धा बनकर जनसेवा के कार्यों व स्वयं कोरोना को हराने के अपने जज्बे को किताब के जरिए लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है। उन्होंने स्वयं,पंजाब, हरियाणा व हिमाचल में कोविड-19 संकटकाल में जो जनसेवा की और लोगों की जो मदद की और उसका एक लेखा-जोखा इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है।

उन्होंने बताया कि लाकडाऊन के दौरान घर की लाइब्रेरी में स्वामी विवेकानंद जी की किताबों ने प्रेरणा दी कि कोई लक्ष्य मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं, हारा वहीं जो लड़ा नहीं होता। महामारी के दौरान अखबारों में लेख छपवाकर ‘कोरोना से मुक्ति का नि:शुल्क इलाज’, ‘लाकडाऊन में एकाकी वरिष्ठ नागरिकों की देखभाव’,‘कोरोना युद्ध के विश्व यौद्धा-श्री नरेन्द्र मोदी’, ‘लाकडाऊन- समस्याए व समाधान’, ‘एकाकी वृद्धों की सुध लेगा.. कौन’ व ‘कोरोनाकाल- संवेदनशील समाधान’ के जरिए लोगों को कोरोना महामारी के दौरान जागरूक करने का प्रयास किया।

इसके अलावा कोरोनाकाल में एक यौद्धा की तरह जो खन्ना ने जनसेवा की उन्हें किताब में सांझा किया गया है, जिसमें लाकडाऊन के समय फ्रंटलाइन पर कार्य कर रहे पुलिस कर्मचारियों, डाक्टरों, मेडीकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों आदि अन्य की हौंसला अफजाही करना, सडक़ों पर डयूटी करते पुलिस कर्मचारियों को सैनेटाइजर, मास्क वितरण किए गए, वैबीनार के जरिए लोगों को जागरूक करना, श्रमिकों को खाना खिलाना, कोरोना संक्रमित मरीजों की हर संभव मदद करना आदि शामिल है।

अंत में उन्होंने कहा कि इस किताब को लिखने का एक मात्र मकसद इस कोरोना महामारी में लोगों को धैर्य रखने, पीडि़तों से संवेदना रखने, कोरोना यौद्धाओं का सम्मान करने, सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने तथा सबसे महत्वपूर्ण स्व्यं को सकारात्मक रखने का एक संदेश देना है।