पराली जलाने के मामलों में हरियाणा में हर वर्ष निरन्तर कमी आ रही : मनोहर लाल

Haryana Govt Crop Burning

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चडीगढ़, 21 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा फसल अवशेष व पराली प्रबंधन को लेकर पिछले छ: वर्षों में उठाये जा रहे कदमों के फलस्वरूप हरियाणा में हर वर्ष पराली जलाने के मामलों में निरन्तर कमी आ रही है। इस वर्ष लगभग 1.75 लाख टन धान की पराली की खरीद बायोमास प्लांटस द्वारा की जा चुकी है तथा पूरे सीजन के दौरान 8.58 लाख टन पराली खरीदना प्रस्तावित है।

यह जानकारी आज यहां मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में दी।

इस वर्ष शायद ही हरियाणा में पराली जलाने की कोई घटना देखने को मिले क्योंकि सरकार ने पराली प्रबंधन के लिए इस वर्ष कस्टम हाईरिंग सेन्टर के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दर पर मशीनरी उपलब्ध करवाने के लिए 152 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। इसके अलावा, किसानों को ऐसी मशीनों के लिए व्यक्तिगत स्तर पर 50 प्रतिशत की दर से सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाती है। इनके लिए इस वर्ष 216.21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

बैठक में जानकारी दी गई कि गत वर्ष पराली प्रबंधन के लिए स्ट्रॉ बेलर, हे-रैक, सुपर कटर, कटर बांईडर व अन्य प्रकार की 24705 मशीनें उपलब्ध करवाई गई थीं और इस वर्ष 13 हजार मशीनों के बिल अॅपलोड कर दिए गए हैं। इसके अलावा, 1031 और कस्टम हाईरिंग सेंटर्स की संख्या और खुलने के साथ ही 3831 हो जाएगी।

बैठक में इस बात से भी अवगत करवाया गया कि विभाग द्वारा नया पोर्टल खोला गया है जिस पर पराली खरीदने वाले ठेकेदारों व उद्योगों की जानकारी भी उपलब्ध होगी जो किसान अपनी पराली बेचना चाहता है तो वह पोर्टल के माध्यम से सीधा सम्पर्क कर सकता है। इसके अलावा, पराली प्रबंधन के लिए किसानों को पहले ही एक हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। हरेडा के माध्यम से भी बॉयोमास ऊर्जा के लिए पराली का उपयोग हो इसके लिए 111.51 मेगवाट क्षमता के 25 बॉयोमास ऊर्जा प्लांट लगाना प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 1.80 लाख टन धान की पराली का उपयोग किया जाएगा।

इसके अलावा, भारतीय तेल निगम, पानीपत के साथ भी इथेनॉल गैस प्लांट लगाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके साथ ही अन्य तेल कम्पनियों से कम्प्रेस्ड बॉयोगैस प्लांट के लिए अब तक 66 सहमति पत्र जारी किए गए हैं, जिसमें कुल 353.56 टन प्रतिदिन क्षमता की गैस उत्पन्न होगी। कलानौर, रोहतक में 6 टन प्रतिदिन क्षमता के साथ मैसर्ज स्पैक्ट्रम रिन्यूएबल एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड द्वारा प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिसमें 15 प्रतिशत धान की पराली का उपयोग होगा और प्रतिवर्ष 4320 टन पराली की खपत होगी। इसी प्रकार, करनाल के बस्ताड़ा में अजय बॉयो ऊर्जा प्राईवेट लिमिटेड द्वारा 12.5 टन प्रतिदिन क्षमता का एक प्लांट लगाया जा रहा है, जिसमें 6000 टन सालाना पराली का उपयोग किया जाएगा। डाटा हिसार में 2.4 टन प्रतिदिन की क्षमता वाले मैसर्ज जागलान कन्टेक्टर एण्ड सिक्युरिटी प्राईवेट लिमिटेड द्वारा भी पहले चरण का निर्माण कार्य शुरू किया है।

इस बात की भी जानकारी दी गई 2.4 टन प्रतिदिन की क्षमता के साथ सैनसन्ज पेपर उद्योग प्राईवेट लिमिटेड पिहोवा ने भी हिन्दुस्तान पैट्रोलियम कार्पोरेशन के साथ समझौता ज्ञापन कर एक प्लांट लगाया है अब तक 43,000 टन पराली की खरीद प्लांट द्वारा की जा चुकी है। इसके अलावा, प्राईवेट क्षेत्र के नारायणगढ़ शुगर मिल व शाहबाद सहकारी चीनी मिल द्वारा भी पराली की खरीद बॉयोमास ऊर्जा के लिए की जा रही है। लगभग 24 ऐसे और उद्योग हैं जिन्होंने अपनी ऊर्जा खपत के लिए पराली का उपयोग करने के लिए सहमति व्यक्त की है। पराली का स्टॉक एकत्रित करने के लिए ठेकेदारों व अन्य किसान समूहों को ग्राम पंचायत की भूमि का उपयोग करने के लिए जगह उपलब्ध करवाई जा रही है।

कुरुक्षेत्र, कैथल, जीन्द व फतेहाबाद जिलों में धान की पराली से ऊर्जा उत्पादन की चार कम्पनियों ने अपने संयंत्र लगाने की सहमति दी है और इन कम्पनियों द्वारा प्रति वर्ष 5.7 लाख टन धान की पराली का उपयोग ईंधन के तौर पर किया जाएगा।

बैठक में जानकारी दी गई कि पराली जलाने से संबंधित फोटो हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (हरसेक) से दिन में दो बार लिए जाते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा हाल ही में देश के 112 शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) जारी किया गया, जिसमें दिल्ली का एक्यूआई 223, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद का एक्यूआई भी 200 से 250 के बीच रहा, जबकि गुरुग्राम का एक्यूआई 200 से नीचे तक दर्ज हुआ। राज्य में 24 स्थानों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स स्टेशन स्थापित किए गए हैं। अम्बाला, हिसार, फतेहाबाद और करनाल जिलों में विशेष माँनीट्रिंग की जा रही है। आमतौर पर फतेहाबाद व सिरसा जिलों में धान की कटाई जीटी रोड के अन्य धान बाहुल्य जिलों के बजाय बाद में होती है।

बैठक में विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी.सी. गुप्ता, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेन्द्र सिंह, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खण्डेलवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह, सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री पी.सी. मीणा, बिजली निगमों के अध्यक्ष एवं महाप्रबंधक श्री शत्रुजीत कपूर, हरियाणा बिजली उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक मोहम्मद शाइन, अक्षय ऊर्जा विभाग के महानिदेशक डॉ. हनीफ कुरैशी के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।