ग्रीन बेल्ट को बनाया जाएगा ऑक्सीजन कॉरिडोर, प्रदूषण नियंत्रण को मिलेगी मजबूती
चण्डीगढ़, 5 जून 2026
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर फरीदाबाद में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हरियाणा के राजस्व एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल ने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आज से ही सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
श्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया “एक पेड़ मां के नाम” अभियान प्रकृति और संस्कृति को जोड़ने वाला एक प्रेरणादायी अभियान है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसके संरक्षण का भी संकल्प ले। केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों को विकसित कर वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी भी समाज को निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के विजन के अनुरूप देशभर में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार भी सतत विकास, हरित भविष्य और स्वच्छ पर्यावरण के लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य कर रही है।
श्री विपुल गोयल ने घोषणा करते हुए कहा कि फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में आगामी 15 दिनों के भीतर 45 नए ईको वन विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पहले से विकसित 15 ईको वन सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या 100 से अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि ईको वन केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण, तापमान संतुलन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन हरित क्षेत्रों से पक्षियों का प्राकृतिक आवास विकसित होता है तथा शहरी क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन को नई मजबूती मिलती है।
श्री विपुल गोयल ने समाजसेवियों, उद्योगपतियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों से ईको वन अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही ऐसे अभियान स्थायी और सफल बनते हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण अभियान की सबसे मजबूत आधारशिला है और यदि युवा एक पौधा लगाने के साथ-साथ उसके संरक्षण का संकल्प लें तो हरियाणा का पर्यावरण और अधिक समृद्ध एवं संतुलित बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान वेस्ट मैनेजमेंट पार्क का उद्घाटन एवं विभिन्न पर्यावरणीय गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। वेस्ट मैनेजमेंट पार्क जैसी पहलें “स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत” के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने का कार्य करेंगी।
उन्होंने अंत में कहा कि “जल है तो कल है” केवल एक नारा नहीं बल्कि जीवन का आधार है। हम सभी को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, ऊर्जा बचत और अधिकाधिक वृक्षारोपण को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। सामूहिक प्रयासों से ही अपने शहरों को स्वच्छ, हरित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाया जा सकता है।

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