मुख्यमंत्री के सलाहकार के लिए भ्रष्टाचार नशा और घोटाला जनहित का मुद्दा नहीं: त्रिलोक

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मुख्यमंत्री और उनके सलाहकार समझे की मित्र हित ही जनहित नहीं होता है
शिमला, 27 फ़रवरी 2025
भारतीय जनता पार्टी के नेता, पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार एवं विधायक त्रिलोक जमवाल ने बयान जारी कर कहा कि सरकार के सलाहकार अपना होश खो बैठे हैं। इसी वजह से सरकार की ऐसी दुर्गति हो रही है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि सरकार में बैठे लोगों के लिए माफिया राज, नशा, घोटाला, भ्रष्टाचार सामान्य बात है क्योंकि कांग्रेस पार्टी का ही यह वास्तविक चरित्र है। जो सलाहकार किसी घोटाले के बारे में जांच करवाए जाने से जुड़े सवाल पूछे जाने पर उसका जवाब देने की बजाय विपक्ष को नसीहत दे रहे है, वे लोग अपना मत स्पष्ट करें कि क्या विपक्ष द्वारा प्रदेश में बढ़ रही अराजकता, घोटाले की भरमार, भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों को पर सवाल उठाने को सही नहीं मानते हैं, क्या घोटालों पर सवाल उठाना जनहित से का मुद्दा नहीं है क्या? सरकार और सरकार के सलाहकार अपनी जनहित की परिभाषा बदलें क्योंकि उनके लिए मित्र हित ही जनहित है।

भाजपा नेता त्रिलोक ने कहा कि क्या व्यवस्था परिवर्तन वाली सुखी सरकार के लिए घोटाले आम बात है और सरकार उन घोटालों की जांच करने का कोई इरादा नहीं रखती है? जो लोग विपक्ष को जनहित की मुद्दे उठाने की सलाह दे रहे हैं वह लोग बताएं कि प्रदेश में खनन माफिया कैसे दनदना रहा है? नशा माफिया कैसे तांडव मचा रहा है? प्रदेश में आए दिन नशे के ओवरडोज से युवाओं की दुःखद मृत्यु के मामले क्यों सामने आ रहे हैं और सरकार के सलाहकार उनसे निपटने की बजाय विपक्ष को ज्ञान दे रहे हैं। क्या सरकार द्वारा बिजली पानी जैसे सुविधाओं को महंगा करना जनहित का मुद्दा है? अस्पतालों की तबाह हो चुकी व्यवस्था जनहित का काम है? क्या एक इंजेक्शन के अभाव में एक परिवार के सिर से पिता का साया उठ जाना सरकार के जनहित का काम है? मुख्यमंत्री और उनके सलाहकारों की फौज के लिए अपनी मौज ही जनहित का मुद्दा है, जिसे वह लोग बखूबी कर रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश की जनता सरकार की इन नाकामियों का ऐसा हिसाब लेगी कि इन मौसमी नेताओं को रास्ता नजर नहीं आएगा।