वैक्सीन की प्रथम डोज आंशिक सुरक्षा, दूसरी डोज मतलब पूरी सुरक्षा

वैक्सीन की प्रथम डोज आंशिक सुरक्षा, दूसरी डोज मतलब पूरी सुरक्षा
अगस्त 23

कोरोना महामारी के विरूद्ध पूरी तरह से रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए वैक्सीनेशन काफी कारगर साबित हो रहा है। वैज्ञानिक तथ्य भी यही कहते हैं कि वैक्सीन की दोनों डोज समय पर लग जाने से व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने की संभावना 93 प्रतिशत तक घट जाती है। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों की मृत्यु की संभावना भी नगण्य हो जाती है। प्रदेशवासियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिये संवेदनशील राज्य सरकार लक्षित समूह को वैक्सीन का सुरक्षा कवच देने के लिए कटिबद्ध है। वैक्सीनेशन का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर 25 एवं 26 अगस्त को दो दिवसीय टीकाकरण महाअभियान चलाया जाएगा। कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर ने विश्व के अधिकांश देशों को अपनी चपेट में ले लिया था। कोरोना काल में अनेकों ने अपनी जान भी गंवाई। कोरोना के साथ लड़ाई में भारत ने कम समय में स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर एक अनूठा उदाहरण पूरे विश्व के सामने प्रस्तुत किया। वैक्सीन का निर्माण जितनी तेजी से किया गया, उतनी ही रफ्तार से प्रदेशों में वैक्सीन पहुँचाई भी गई। इसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने “सबको वैक्सीन-नि:शुल्क वैक्सीन” मंत्र देकर वैक्सीन तक सभी की पहुँच सुनिश्चित की। वैक्सीन की उपलब्धता के साथ उसके उपयोग में मध्यप्रदेश पूरे राष्ट्र में अग्रणी रहा।