संसद की गरिमा गिराने वाले विपक्ष को प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाया आइना

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देश ने प्रधानमंत्री के भाषण में विकसित होते भारत की तस्वीर देखी

प्रधानमंत्री का राज्यसभा भाषण विश्व को प्रेरणा देने वाला

चंडीगढ़, 06 फरवरी 2026 

राज्यसभा में देश के ओजस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण विपक्ष के दोगले व दोहरे चरित्र को उजागर करने वाला और विश्व में भारत की बढ़ती शक्ति का अहसास कराने वाला रहा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण हर देशवासी को गौरवान्वित करने वाला रहा। मोदी जी के वक्तव्य में आत्मीयता भी थी, तो वहीं प्रेम भी था। राष्ट्रभक्ति भी थी तो समाजहित भी था। समर्पण भी था तो त्याग भी था।  मानवता भी थी तो पुनः भारत माता को विश्व गुरु बनाने की इच्छाशक्ति भी थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान कहा कि अब ना हमें रुकना है, ना पीछे मुड़कर देखना है। हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करना है। यानि प्रधानमंत्री देशवासियों से अपील की कि विकसित भारत के लिए हरेक भारतवासी को बिना विचलित हुए आगे बढ़ते रहना है।
मोदी जी ने भारत की बढ़ती शक्ति और आत्मनिर्भरता को लेकर भी कहा कि विकसित देश जब किसी विकासशील देश के साथ डील करता है तो वह अपने आप में ही अर्थजगत के लिए एक बड़ा संदेश होता है। जब आपके पास आर्थिक सामर्थ्य हो, आपके नागरिकों में देश के प्रति ऊर्जा हो और खासकर मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम हो तभी विश्व आपके साथ डील करने के लिए आगे आता है।
मोदी जी ने टीएमसी जैसे विपक्षी दलों को भी आईना दिखाते हुए करारा जवाब दिया और कहा हमारे टीएमसी के साथियों ने यहां काफी कुछ कहा… जरा खुद के गिरेबान में देखें। निर्मम सरकार पतन के सभी पैरामीटर्स में नए-नए रिकॉर्ड बनाती जा रही है और उनके नेता यहां उपदेश दे रहे हैं। ऐसी निर्मम सरकार से वहां (पश्चिम बंगाल) के लोगों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है, लेकिन राज्य सरकार को कोई मतलब नहीं है। इन्हें सत्ता के सुख के सिवाय कोई आकांक्षा नहीं है। दुनिया का समृद्ध से समृद्ध देश भी अपने यहां से गैरकानूनी नागरिकों को बाहर निकाल रहा है, पर हमारे देश में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर प्रेशर डाला जा रहा है। देश का नौजवान कैसे ऐसे लोगों को माफ करेगा?
प्रधान सेवक के रूप में देश की अनवरत सेवा कर रहे मोदी जी ने आज रिफॉर्म, परफार्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र को लेकर कहां आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है। हमने स्ट्रक्चरल रिफॉर्म किए, प्रोसेस से जुड़े रिफॉर्म किए और नीतियों का रिफॉर्म किया। हमारे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और हमारे उद्यमी सशक्त हों, भारत की हर चीज में वैल्यू एडिशन हो, इस दिशा में प्रयास किया है। आज मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारत, विश्व के साथ स्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है”। वहीं दूसरी ओर मोदी जी ने लंबे समय तक सत्ता में रहकर जिस प्रकार से कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और लेफ्ट जैसे दलों ने भारत की जनता के साथ खिलवाड़ करने का कार्य किया उसके बारे में भी पर्दाफाश करते हुए कहा “तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छुपाओगे।
कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं, सत्ता के भागीदार रहे हैं। राज्यों में भी उन्हें सरकारें चलाने का अवसर मिला है, लेकिन उनकी पहचान क्या बनी? आज डील की चर्चा होती है तो गौरव से कहते हैं। तब डील की चर्चा होती थी तो बोफोर्स डील याद आता था। मोदी जी ने राहुल गांधी को करारा जवाब देते हुए जिस प्रकार एक सिख जनप्रतिनिधि के साथ अहंकार भरे रवैया में गद्दार जैसे शब्द का उपयोग किया उसके लिए भी अपने वक्तव्य में कहा इस सदन के एक माननीय सांसद को कांग्रेस के युवराज ने गद्दार कह दिया। इनका (राहुल गांधी का) अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। कांग्रेस के कितने ही टुकड़े हुए हैं, कितने लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, लेकिन किसी और को उन्होंने गद्दार नहीं कहा। उन्होंने उस सांसद को गद्दार इसलिए कहा, क्योंकि वे एक सिख हैं। यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था। कांग्रेस में सिखों के प्रति जो कूट-कूटकर नफरत भरी हुई है, यह उसी की अभिव्यक्ति थी।
आज देश ने देखा कि किस प्रकार से मोदी जी ने विपक्षी दल के नेता खड़के जी की किस प्रकार से चिंता करते हुए कहा “सभापति जी, कृपया खड़गे जी को बैठे-बैठे ही नारे लगाने की इजाजत दें। पीएम मोदी ने वरिष्ठता और स्वास्थ्य का सम्मान करते हुए सदन में संवेदनशीलता और मानवीयता की अनूठी मिसाल पेश की“। मोदी जी के इस वाक्य को सुनकर समस्त देशवासी उनके कायल हो गए जहां एक तरफ खड़के जी, मोदी जी के विरुद्ध नारे लगाने का कार्य कर रहे थे तो वही मोदी जी उस परिस्थिति में भी खड़गे जी की चिंता करने का कार्य कर रहे थे। यही स्वभाव मोदी जी को विश्व का महान नेता बनता है।
प्रधानमंत्री जी ने आगे वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए कहा, “दुनिया नए वर्ल्ड ऑर्डर की ओर बढ़ रही है। विश्व बंधु के रूप में भारत आज पार्टनर बना हुआ है। हम विश्व कल्याण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। आज वैश्विक मंचों पर भारत ग्लोबल साउथ की आवाज बन चुका है। मोदी जी ने कहा “देश आज तेज गति से विकास कर रहा है। हमें न रुकना है और ना पीछे मुडकर देखना है। हम अहम पड़ाव पर पहुंच रहे हैं। जब हम आजाद हुए तब देश 6 नंबर की इकोनॉमी इन लोगों (कांग्रेस) ने 11 नंबर पर पहुंचा दिया।“परंतु आज मोदी जी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति और विकास के पद पर अग्रसर होते हुए आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरने के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने कहा- कांग्रेस के शासन की कार्यशैली रही है- लटकाना, अटकाना, भटकाना। ये लोग सिर्फ जीप और खच्चर वाला मॉडल ही जानते हैं।
मैं एक बात बताना चाहता हूं- जब मेरा जन्म नहीं हुआ था, उसके पहले सरदार वल्लभ भाई पटेल ने नर्मदा नदी पर बांध बांधने की कल्पना की थी। विषय तो पक्का हो गया, सरदार साहब नहीं रहे। नेहरू जी ने शिलान्यास किया, लेकिन उसका उद्घाटन मैंने किया जब प्रधानमंत्री बना ये इनका (कांग्रेस) हाल है। मोदी जी ने अपने महत्वपूर्ण वक्तव्य के दौरान नेहरू, इंदिरा की देशवासियों के लिए जो निंदनीय सोच थी उसके बारे में बताते हुए कहा इंदिरा गांधी ने ईरान में एक भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि जब किसी ने मेरे पिता से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्याएं हैं तो उन्होंने कहा कि 35 करोड़। उस समय हमारे देश की जनसंख्या 35 करोड़ थी। ये देशवासी नेहरूजी को समस्या लगते थे।
हमारे सामने चुनौतियां कितनी भी हों लेकिन हमारे पास 140 करोड़ समाधान हैं। हमारे लिए देशवासी पूंजी है। नेहरू-इंदिरा ने देश को समस्या माना। लेकिन हम उनको समाधान मानते हैं। अंत में अपने लेख को विराम देने से पहले यही कहूंगा कि हम सभी देशवासी बड़े गौरवशाली हैं कि हमें नरेंद्र मोदी जी के रूप में इतने यशस्वी और त्यागी प्रधानमंत्री मिले हैं, जिनके रक्त की बूंद-बूंद में मातृभूमि की सेवा सुरक्षा के लिए समर्पित हैं।
इस महत्वपूर्ण कविता के साथ अपने लेख को विराम कर रहा हूं।
‘‘कभी थे अकेले- हुए आज इतने, नही तब डरे तो,भला अब डरेंगे’।
विरोधों के सागर में चट्टान है हम, जो टकराएंगे मौत अपनी मरेंगे’।
लिया हाथ में ध्वज कभी न झुकेगा, कदम बढ रहा है, कभी न रुकेगा, न सूरज के सम्मुख अंधेरा टिकेगा।
निडर है सभी हम अमर है सभी हम, केसर पर हमारे वरदहस्त करता, गगन में लहरता है भगवा हमारा।