यह समझौता पंजाब जेल विकास बोर्ड की तरफ़ से बोर्ड के अतिरिक्त डायरैक्टर जनरल (ए.डी.जी.पी.) कम मैंबर सचिव श्री परवीन कुमार सिन्हा द्वारा जबकि इंडियन ऑयल कारपोरेशन की तरफ़ से श्री अमरिन्दर कुमार द्वारा सहीबद्ध किया गया। यह समझौता प्रमुख सचिव (जेल) श्री डी.के. तिवारी, इंडियन ऑयल के कार्यकारी डायरैक्टर श्री सुजोय चौधरी, आईजी (जेल) श्री रूप कुमार अरोड़ा और डीआईजीज़ श्री एस.एस. सैनी और श्रीमती अमनीत कौंडल की मौजूदगी में सहीबद्ध किया गया।
इस समझौते के दिन को यादगार बताते हुये ए.डी.जी.पी ने कहा कि यह पंजाब सरकार की तरफ से शुरू की जा रही सुधारवादी नीतियों का हिस्सा है जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि जेलों में बंद कैदी जो फिर रास्ते पर आना चाहते हैं, को ज़रुरी मौके दिए जा सकें। उन्होंने कहा कि यह रिटेल आऊटलैट जेल विकास बोर्ड की तरफ से चलाए जाएंगे और इन का प्रबंधन जेलों के स्टाफ के साथ-साथ कैदियों द्वारा भी किया जायेगा।
श्री सिन्हा ने कहा कि रिटेल आउटलैटों के संचालन के साथ बोर्ड के लिए राजस्व पैदा होगा और कैदियों को हुनर विकास, सुधार और पुनर्वास के लिए उचित मौके मुहैया होंगे। उन्होंने कहा, “यह प्रोजैक्ट ज़ेल विभाग और ज़ेल कैदियों के साथ-साथ ऑयल मार्किटिंग कंपनियों के लिए भी लाभप्रद होगा क्योंकि उन सभी को इसका लाभ मिलेगा

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