ज्ञान, साहित्य , कला और संस्कृति का संगम पंचकूला पुस्तक मेला : धनखड़

_Omprakash Dhankhar
ज्ञान, साहित्य , कला और संस्कृति का संगम पंचकूला पुस्तक मेला : धनखड़

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 राष्ट्रीय सचिव औम प्रकाश धनखड़ ने किया पंचकूला पुस्तक मेले का  अवलोकन
एआई और डिजिटल युग में भी पुस्तकों की महता कम नहीं हुई- बोले धनखड़

पंचकूला, 4 नवंबर 2024

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने सोमवार को इन्द्रधनुष आडिटोरियम परिसर पंचकूला में सात दिवसीय तृतीय पंचकूला पुस्तक मेले का अवलोकन किया। धनखड़ ने कहा हरि की धरा हरियाणा में पुस्तक मेला ज्ञान, साहित्य , कला और संस्कृति का अद्भुत संगम बनकर उभरा है। हमारी युवा पीढ़ी को पंचकुला पुस्तक मेले में एक बार जरूर विजिट करनी चाहिए। उन्होंने पुस्तक मेले में लेखकों और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। गौरतलब है कि धनखड़ स्वयं भी रचनात्मक और सृजनात्मक लेखन का कार्य करते रहे हैं। हरियाणा की जयंती पर गीत भी लिखा है, जो काफी लोकप्रिय हुआ है।

धनखड़ ने कहा कि युवाओं को पुस्तक मेले में जाने माने लेखकों, कवियों,कलाकारों आदि से रूबरू होने का सुअवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुस्तकों से समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलता है।सदियों से ज्ञान के प्रकाश को पीढ़ी दर पीढ़ी पहुंचाने में भी पुस्तकें सशक्त माध्यम हैं।

उल्लेखनीय है कि पंचकुला पुस्तक मेले में बाल मंडप पवेलियन में चित्रकला पुस्तक प्रश्नोत्तरी,समूह गीत,नृत्य,रागनी,कवि गोष्टी जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।मेले में लेखक से मिलिए,साहित्य चौपाल,फिल्म प्रदर्शन विशेष आकर्षण के केन्द्र हैं।

धनखड़ ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के हर गांव में पुस्तकालय खोलने का दूरदर्शी  निर्णय लिया और चरणबद्ध तरीके से पुस्तकालय खोले जा रहे हैं।  गांवों में पुस्तकालयों की स्थापना होने से युवाओं में पठन पाठन की आदत बढ़ी है। उल्लेखनीय है कि भाजपा राष्ट्रीय सचिव धनखड़ ने अपने पैतृक गांव ढाकला में अपनी नेक कमाई से आधुनिक पुस्तकालय खोला हुआ है।