राज्यपाल श्री बागडे ने गोपाष्टमी पर्व पर गौ—माता की पूजा, आरती की

Sorry, this news is not available in your requested language. Please see here.

राज्यपाल ने कहा, गाय के महत्व को समझते हुए गौ संरक्षण के लिए कार्य करें गोपाष्टमी पूजा पर्व ही नहीं भारतीय संस्कृति में गाय के महत्व से जुड़ा त्योहार —राज्यपाल

जयपुर, 9 नवम्बर 2024 
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि गोपाष्टमी का पर्व गौ माता की पूजा और सेवा से जुड़ा होने के साथ ही भारतीय संस्कृति में गाय के महत्व को प्रतिपादित करने वाला त्योहार है। उन्होंने इस दिन गौ—माता के संरक्षण के साथ गौ उत्पादों के लिए प्रभावी वातावरण बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौमूत्र एवं पंचगव्य असाध्य मानव रोगों के उपचार के लिए भी उपयोगी पाया गया है।
श्री बागडे ने गोपाष्टमी पर श्री पिंजरापोल गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर भी उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने कहा कि गाय हमारे जीवन का पोषण ही नहीं करती बल्कि अर्थव्यवस्था का भी प्रमुख आधार है। उन्होंने गोपाष्टमी से जुड़ी कथा सुनाते हुए भगवान श्री कृष्ण से पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलने वाली सीख को अपनाने एवं प्रकृति पूजन को दिनचर्या बनाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने गौ—उत्पादों के महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि गाय के गोबर से प्राकृतिक खेती को ही समृद्ध नहीं किया जा सकता बल्कि गौ—उत्पादों का प्रभावी विपणन कर हम देश की अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ कर सकते हैं। उन्होंने भारतीय नस्ल की देशी गाय और उससे जुड़े उत्पादों को महत्वपूर्ण बताया।
राज्यपाल ने गोपाष्टमी पर गौ—माता के संरक्षण का संकल्प लेने और गौ—उत्पादों के लिए वातावरण निर्मित किए जाने पर जोर दिया। इससे पहले उन्होंने गौशाला में  गोपाष्टमी पर गौ—माता और बछड़े की पूजा, आरती और परिक्रमा की। बाद में उन्होंने गौशाला स्थित वैदिक पादप औषधीय केन्द्र का भ्रमण किया और गोबर उत्पादन और जैविक कृषि के उत्पादों का भी अवलोकन किया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के डॉ. अतुल गुप्ता ने गौशाला और गोधन संरक्षण के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला।