लोक निर्माण विभाग स्वयं को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करे: रणबीर गंगवा

Sorry, this news is not available in your requested language. Please see here.

सड़क एवं बिल्डिंग के प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे करवाने के निर्देश

काम में देरी करने की लापरवाही बरतने वाली गुरुग्राम और थानेसर की एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के दिये निर्देश

चंडीगढ़, 7 जनवरी 2026 

हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश में भवन और सड़कें वन-स्टैंडर्ड हों तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) स्वयं को एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करे। इसके लिए विभाग के अधिकारी पूरी योजना के साथ काम करें। जनता को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, और उनकी समस्याओं के तुरंत समाधान की दिशा में भी काम हो।

कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बुधवार को हरियाणा निवास में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कई निर्देश दिए है।  बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत सड़कों से संबंधित कार्यों, सफेद पट्टी (रोड मार्किंग), प्रस्तावित मॉडल रोड्स तथा भवन एवं सड़क से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

लेटलतीफी करने वालों पर एक्शन होगा: गंगवा

बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को अवगत कराया कि कुछ स्थानों पर एक ही ठेकेदार द्वारा कई-कई कार्य लेने के कारण परियोजना समय पर पूरा नहीं हो पा रही। इस पर मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने काम को 1 साल तक भी पूरा नहीं कर पाने वाली एजेंसी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने थानेसर और गुरुग्राम क्षेत्र की ऐसी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार अधिक टेंडर कार्य लेना गलत नहीं है, लेकिन सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे होने चाहिए। किसी भी प्रकार की लेटलतीफी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की लेटलतीफी का खामियाजा जनता को क्यों भुगतना पड़ता है। यह सुनिश्चित किया जाए कि अगर कोई टेक्निकल दिक्कत नहीं तो समय पर प्रोजेक्ट पूरा हो।

मंत्री श्री गंगवा ने निर्देश दिए कि किसी भी कार्य के पूर्ण होने के तीन माह के भीतर वित्तीय क्लोजिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी एजेंसी को भुगतान को लेकर परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में देरी स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करनी होगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हेडक्वार्टर से समय-समय पर टीमें भेजकर कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। अधिक माइंस वाले टेंडरों पर विशेष नजर रखने, खराब हालत की सड़कों की नई सड़क बनने तक मरम्मत सुनिश्चित करने तथा पिछली डीएलपी अवधि की सड़कों की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बताया गया कि हरियाणा में 30403 किलोमीटर लंबी सड़क है। इनमें से 16435 किलोमीटर सड़क डीएलपी के दायरे में है। वहीं 6019 किलोमीटर डीएलपी से बाहर है। मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनमें से जो सड़क खस्ता हाल है, जब तक वह नई नहीं बन जाती, तब तक उसे हर हालत में सुचारू रखने यानि अगर पैचवर्क की जरूरत है तो वह किया जाए और अगर गड्ढे है तो उन्हें भरा जाए। उन्होंने कहा कि जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर प्राप्त शिकायतों को प्रतिदिन देखने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी स्वयं ऐप की निगरानी करें और शिकायतों का जवाब तय समय में दें।

बैठक में फील्ड कर्मचारियों, विशेषकर बेलदारों की फील्ड में उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्रत्येक कार्य की प्रगति प्रतिशत के अनुसार रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करने को कहा गया।

28 नए रोड रोलर मिलेंगे

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रदेश में जल्द ही आधुनिक उपकरणों से युक्त पैच वैन शुरू की जाएगी, जिस पर विभाग की मैकेनिकल विंग कार्य कर रही है। वर्तमान में 28 नए रोड रोलर विभाग को प्राप्त हो चुके हैं, जबकि शेष 28 की डिलीवरी शीघ्र होगी। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल एवं हॉर्टिकल्चर विंग की गतिविधियों की रिपोर्ट भी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई।

बैठक में प्रत्येक जिले में बनाए जाने वाले मॉडल रोड्स को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 11 मॉडल रोड्स की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई, जबकि अगले वर्ष प्रदेश में 23 और मॉडल रोड्स विकसित करने के लिए सड़कों की पहचान कर ली गई है। इन सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था, लाइटिंग और ड्रेनेज सहित सभी आवश्यक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाएगा। साथ ही हेडक्वार्टर की टीमें सभी चल रहे प्रोजेक्ट्स पर लगातार नजर रखेंगी और अधिकारी समय-समय पर मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे।

बैठक के दौरान विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री हितेश कुमार मीणा, इआईसी श्री राजीव यादव, श्री अनिल दहिया मौजूद थे।