ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए एस.जी.पी.सी और जत्थेदार को तत्काल कार्रवाई  करनी चाहिए: सरना

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चंडीगढ़, 19 फरवरी 2026

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान एवं शिरोमणी अकाली दल दिल्ली इकाई के प्रधान परमजीत सिंह सरना ने कहा है कि सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह ने प्रेस क्लब जालंधर में पत्रकारों के सामने जो गंभीर आरोप लगाए हैं उन्हे देखते हुए एसजीपीसी और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होने कहा कि अगर ये आरोप सही हैं तो दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर ये आरोप बेबुनियाद हैं तो एसजीपीसी को ज्ञानी रघबीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने में संकोच नही करना चाहिए। इस मामले में ज्ञानी सुलतान सिंह के नाम के इस्तेमाल के बारे भी विचार किया जाना चाहिए। इस मामले को श्री अकाल तख्त साहिब के संरक्षण में शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को सौंपा जाना चाहिए।

उन्होने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से अनुरोध है कि वे तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए पांचों सिंह साहिबान की मीटिंग बुलाकर आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि अगर इस मामले में किसी भी तरह की देरी की गई तो संगत में काफी भ्रम पैदा हो जाएगा।

सरना ने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा प्रेस कांफ्रेंस में दिए जा रहे बयान को पढ़कर मीडिया के सामने रखा जा रहा है और ज्ञानी रघबीर सिंह यह पर्चा किसकी तरफ से पढ़ रहे हैं। उन्होने कहा कि यह साफ हो गया है कि ज्ञानी रघबीर सिंह जो पर्चा पढ़कर शिरोमणी कमेटी , शिरेामणी अकाली दल यां किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं, यह एक बहुत बड़ी साजिश लगती है जिसे कोई भी सिख बर्दाश्त नही कर सकता। सरना ने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह ने सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी के पद को दाग लगाने की कोशिश की है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही कियाज सकता। धार्मिक पद पर  रहते हुए इस तरह के आरोप लगाने से अच्छा होता कि वह अपने पद के अधिकारों का इस्तेमाल करके कार्रवाई करते, क्योंकि यह एक राजनीति का हिस्सा लग रही, जिसके लिए ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा सोची समझी साजिश के तहत यह प्रेस काफ्रेंस की गई है।

इसके साथ ही यह बुनियादी सवाल उठता है कि जिस समय से ज्ञानी रघबीर सिंह मुख्य ग्रंथी बने हैं, उसके बाद से अब तक इतने समय श्री हरिमंदिर साहिब में प्रतिदिन ही मर्यादा और नितनेम निभाया है। इसीलिए यह भी संगत को स्पष्ट किया जाना चाहिए। इसीलिए श्री अकाल तख्त साहिब और शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।