डेयरी किसानों को मिलेगा ‘गोपाल रत्न’ पुरस्कार,

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15 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित

जयपुर, 29 जुलाई। दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डेयरी किसानों, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन और सहकारी एवं दुग्ध उत्पादक कंपनियों को राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत ‘गोपाल रत्न’ पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए आगामी 15 सितम्बर तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
पशुपालन मंत्राी श्री लालचन्द कटारिया ने बताया कि स्वदेशी दुधारू पशुओं में वैज्ञानिक तरीके से उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने, कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों को 100 प्रतिशत एआई कवरेज लेने तथा सहकारी एवं दुग्ध उत्पादक कंपनियों के मध्य प्रतिस्पर्धा भावना पैदा करने के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है। उन्होंने पुरस्कार के लिए जरूरी पात्राता की जानकारी देते हुए बताया कि गाय की प्रमाणित स्वदेशी 50 नस्लों अथवा भैंस की 17 देशी प्रमाणित नस्लों में से किसी एक का पालन कर डेयरी करने वाले किसान इसके लिए पात्रा होंगे। इसी प्रकार सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन पुरस्कार के लिए 90 दिन का प्रशिक्षण प्राप्त किए हुए राज्य पशुधन विकास बोर्ड, दुग्ध फेडरेशन, गैर सरकारी संगठन एवं निजी क्षेत्रा के कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन पात्रा होंगे। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्रा में सहकारी एवं कम्पनी अधिनियम के तहत ग्राम स्तर पर स्थापित कम से कम 50 किसान सदस्यों एवं प्रतिदिन 100 लीटर दूध का उत्पादन करने वाली सहकारी समिति, एमपीसी, एफपीओ एवं दुग्ध उत्पादक कम्पनी पात्रा होंगी।
पारितोषिक स्वरूप 5 लाख, 3 लाख एवं 2 लाख रुपए मिलेंगे
पशुपालन विभाग की शासन सचिव डॉ. आरूषी मलिक ने बताया कि इस पुरस्कार के लिए तीनों श्रेणी में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए क्रमशः 5 लाख, 3 लाख एवं 2 लाख रुपए की राशि पारितोषिक स्वरूप प्रदान की जाएगी। केन्द्रीय पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी विभाग विजेताओं को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर 26 नवम्बर को समारोह आयोजित कर पुरस्कार प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि सभी इच्छुक किसान, कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन और सहकारी एवं दुग्ध उत्पादक कम्पनियां वेबसाइट पर 15 सितम्बर सायं 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस वेबसाइट एवं ‘ई गोपाला’ एप पर जाकर इस पुरस्कार से संबंधित तथा पशुपालन की हर तरह की जानकारियां आसानी से देखी जा सकती हैं।