पंचायती राज विकास परियोजनाओं के लिए बजट

Kapil Moreshwar Patil
पंचायती राज विकास परियोजनाओं के लिए बजट

Delhi: 07 FEB 2024 

पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं व बच्चों तथा ऐसे अन्य कमजोर समूहों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए पंचायत विकास योजनाओं के निर्माण एवं कार्यान्वयन जैसे विभिन्न विषयगत क्षेत्रों में पीआरआई के निर्वाचित प्रतिनिधियों और उनके पदाधिकारियों की क्षमता निर्माण व प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) की योजना लागू कर रहा है। पंचायती राज मंत्रालय की सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) पर केंद्रित पहल के स्थानीयकरण के तहत संसाधनों एवं गतिविधियों के अभिसरण के माध्यम से विषय-वस्तु पर आधारित ग्राम पंचायत विकास योजनाएं तैयार करने के लिए पीआरआई प्रतिनिधियों की क्षमता निर्माण तथा प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है। इसमें सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप सामाजिक रूप से सुरक्षित, महिलाओं व बच्चों के अनुकूल गांवों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लैंगिक संवेदनशील और सामाजिक रूप से समावेशी विकास के लिए ‘संपूर्ण सरकार एवं संपूर्ण समाज’ दृष्टिकोण का समावेशन किया गया है।

पंचायती राज मंत्रालय ने योजना के एक प्रमुख घटक के रूप में प्रशिक्षण प्रदान करने में इसकी प्रभावशीलता के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान की प्रासंगिक योजना के अनिवार्य मूल्यांकन के अलावा, पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) भी पेश किया है, जो पंचायत विकास परियोजनाओं की योजना बनाने तथा कार्यान्वयन के माध्यम से विभिन्न विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने में पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन कर सकता है।

पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) के बजट में अन्य बातों के अलावा, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत पंचायतों के कम्प्यूटरीकरण और ई-पंचायत योजना पर मिशन मोड के तहत डिजिटल समाधान का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा, मंत्रालय ने सभी ग्राम पंचायतों के लिए सार्वभौमिक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी हासिल करने के उद्देश्य से डिजिटल इंडिया, भारतनेट परियोजना को लागू करने के लक्ष्य के साथ दूरसंचार विभाग के साथ सहयोग किया है ताकि वे ई-सेवा वितरण प्रदान करने में सक्षम हो सकें।

ग्राम पंचायतों द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (जीपीडीपी) को तैयार करने और अनुमोदित करने के लिए ग्राम पंचायत के सभी हितधारकों तथा मतदाताओं को शामिल करते हुए ग्राम सभाओं के आयोजन के अलावा, ग्राम पंचायतों द्वारा वार्षिक जीपीडीपी तैयार करने से पहले सभी हितधारकों से परामर्श करने हेतु हर साल पंचायती राज मंत्रालय के तत्वावधान में पीपुल्स प्लान अभियान (पीपीसी) का आयोजन किया जाता है।

पीआरआई के निर्वाचित प्रतिनिधियों और उनके पदाधिकारियों के क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य से राज्यों को केंद्रीय सहायता के लिए मौजूदा उपाय/पहल, सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण, पंचायतों का डिजिटलीकरण, पीआरआई को बुनियादी ढांचागत सहायता, डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित मंत्रालय के साथ सहयोग तथा पंचायतें आगामी वित्तीय वर्ष में भी जारी रहेंगी।

केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।