स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों से 914 पहुंचा प्रदेश का लिंगानुपात

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पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 905 था लिंगानुपात

हरियाणा में लिंगानुपात सुधार हेतु राज्य टास्क फोर्स की बैठक आयोजित

लिंगानुपात में वांछित सुधार न करने वाले दो अधिकारियों को निलंबित करने के दिए आदेश

चंडीगढ़, 25 नवंबर 2025

हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परस्पर सामंजस्य स्थापित कर इस वर्ष लिंगानुपात का आंकड़ा 920 तक ले जाने का प्रयास करें। उन्होंने लिंगानुपात में वांछित सुधार करने में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित करने के भी आदेश दिए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में लिंगानुपात में सुधार को लेकर “राज्य टास्क फोर्स” की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कम लिंगानुपात वाले 4 जिलों चरखी दादरी, सिरसा, पलवल और यमुनानगर के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की और उनको सिविल सर्जनों के साथ मिलकर लिंगानुपात बढ़ाने के लिए सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने उक्त जिलों के उपायुक्तों को अवैध गर्भपात के मामलों की रिवर्स-ट्रैकिंग करवाने तथा पूरे मामले की मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को इस बात से भी अवगत कराया कि राज्य में पहली जनवरी से 24 नवंबर, 2025 तक लिंगानुपात 914 दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 905 था।

श्री सुधीर राजपाल ने शहरी क्षेत्र की गरीब तबके की बस्तियों में नगर निकाय संस्थाओं के साथ मिलकर सभी नवजात बच्चों के पंजीकरण को सुनिश्चित करने तथा लिंगानुपात के मामले में राज्य की परफॉर्मन्स बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। बैठक में लिंग जांच व अवैध गर्भपात की रोकथाम से जुड़े मामलों में कड़ी कार्रवाई व निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने लिंगानुपात में सुधार करने में बरती गई लापरवाही तथा लिंगानुपात की दर गिरने के कारण सिरसा जिला की पीएचसी जट्टांवाली के मेडिकल ऑफिसर तथा सोनीपत जिला के हलालपुर के एसएमओ को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने दो जिले जींद और सोनीपत में दर्ज हुई एफआईआर पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीएनडीटी (PNDT) से संबंधित अदालती-मामलों के विवरण हेतु एक एमआईएस पोर्टल विकसित किया जाए। पीएनडीटी मामलों में कम सजा दर (Conviction Rate) को देखते हुए, कुछ वकीलों को राज्य मुख्यालय पर नियुक्त/संलग्न करने की संभावनाएँ तलाशने का फैसला किया गया, ताकि अदालती-मामलों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया जा सके।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बैठक में सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में बीएएमएस/जीएएमएस/बीएचएमएस चिकित्सकों द्वारा संचालित या प्रबंधित सभी क्लीनिक, नर्सिंग होम और अस्पतालों की लाइन-लिस्ट रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भिजवाना सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर बैठक में स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. वीरेंद्र यादव, डॉ. मुक्ता कुमार के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।