आबकारी और कराधान विभाग के कर्मचारियों द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक दिन का वेतन देने का निर्णय
वित्त मंत्री चीमा ने विभाग की पहल की सराहना की, कहा कि सामूहिक प्रयास ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की चाबी
चंडीगढ़, 30 अगस्त 2025
पंजाब में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए राज्य के आबकारी और कराधान विभाग के कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। इस स्वैच्छिक योगदान का उद्देश्य पूरे राज्य में राहत और पुनर्वास प्रयासों के लिए वित्तीय सहायता और सहयोग प्रदान करना है।
यहाँ जारी प्रेस बयान में इस बात का खुलासा करते हुए आबकारी और कराधान विभाग के सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय विभाग के सभी स्तरों के कर्मचारियों द्वारा विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद करने की सामूहिक प्रतिबद्धता के तहत लिया गया है। उन्होंने बताया कि यह राशि सीधे मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा की जाएगी, जिसका उपयोग बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, चिकित्सीय सहायता और अन्य आवश्यक मदद उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि हमारे साथियों ने संकट की इस घड़ी में अपने सहनागरिकों की मदद करने के लिए गहरी जिम्मेदारी महसूस की है। उन्होंने कहा कि यह योगदान पंजाब सरकार के चल रहे प्रयासों का समर्थन करने और पंजाब की जनता को यह संदेश देने के लिए एक छोटा किंतु दिल से किया गया कदम है कि हम उनके साथ खड़े हैं।
आबकारी और कराधान विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह पहल अन्य सरकारी विभागों और संगठनों को भी आगे आकर राहत कोष में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी। वित्त मंत्री चीमा, जिन्होंने पहले ही अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ मिलकर एक महीने का वेतन योगदान स्वरूप दिया है, ने राज्य और उसके नागरिकों को आपदा से उबारने और पुनर्निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर ज़ोर दिया।

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