अध्यक्ष संजय टंडन और शहर के प्रथम नागरिक महापौर रविकांत शर्मा पर सुनियोजित ढंग से जानलेवा हमला किया गया और उनकी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया गया

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चंडीगढ़ 18 जुलाई, 2021 : ” किसानों की आड़ में कुछ राजनैतिक पार्टियों के तथाकथित गुंडों द्वारा जिस प्रकार से शनिवार को सेक्टर 48 स्थित मोटर मार्किट में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और शहर के प्रथम नागरिक महापौर रविकांत शर्मा पर सुनियोजित ढंग से जानलेवा हमला किया गया और उनकी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया गया  उसकी जितनी निंदा की जाये कम  है | ” ये बात भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण  सूद ने  बीते दिवस  सेक्टर 48 की मार्किट में घटित घटना के विरोध में आज पार्टी द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान कही | पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं ने इस सांकेतिक रोष प्रदर्शन में भाग लिया | प्रदर्शन के उपरान्त पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद के नेतृत्व मे  पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जिसमे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, महामंत्री चंद्रशेखर और रामबीर भट्टी, महापौर रविकांत शर्मा  शामिल थे , ने सलाहकार धर्मपाल और एसडीएम हरजीत संधू से भेंटवार्ता की और ज्ञापन सौंपा और तीन प्रमुख मांगें उनके समक्ष रखी | प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासक वी पी सिंह  बदनौर से भी भेंटवार्ता करनी थी परन्तु  वो शहर से बाहर थे इसलिए उन्हें टेलीफोन के माध्यम से भी सारे घटनाक्रम से अवगत करवाया गया था |

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जिस प्रकार से सुनियोजित ढंग से अराजक तत्वों ने मार्किट के तीनों गेट पर ट्रेक्टर खड़ा करके उसको बंद किया और केवल एक गेट पर जहाँ पुलिस खड़ी थी वहां पर ये सब घटनाक्रम हुआ इसके पीछे क्या वजह थी कि पुलिस की आँखों के समक्ष ये तांडव हुआ | इसकी जांच करके इस की जवाबदेही भी तय करनी चाहिए | दूसरा पार्टी ने ऐसे अराजक तत्वों की पहचान करके जो वीडियो फुटेज और फोटो पुलिस के साथ शेयर किये थे उन लोगों के ऊपर भी कानूनी कार्यवाही करे  | तीसरा आज जिस प्रकार से शहर में अमन चमन की धज्जियाँ इन शरारती तत्वों ने उड़ाई और पार्टी के नेताओं पर हमला किया भविष्य में यही लोग शहर की आम जनता पर भी गुंडागर्दी करके अमन चैन और भाईचारे को खराब करने की चेष्टा करेंगे और इन लोगों की पहचान  करके तुरंत इस पर अंकुश लगाना चाहिए |

कल घटित घटना के बारे में प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि मार्केट में दुकानदारों द्वारा किये गए एक कार्यक्रम में भाजपा चंडीगढ़ के पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन तथा महापौर रविकांत शर्मा शामिल होने के लिए जाना था।   कार्यक्रम से एक दिन पहले कुछ असामाजिक तत्वों ने किसान का वेष धारण कर एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा नेताओं के कार्यक्रम में पहुँचने पर विरोध करने के बारे में डाला।  यह वीडियो संजय टंडन ने डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस को भेजा और पूछा और उन्होंने टंडन को आश्वासन दिया कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं और चिंता की कोई बात नहीं है।  दिनांक १७ जुलाई को कार्यक्रम समाप्ति पर जैसे ही उपरोक्त दोनों नेता अपनी-अपनी गाड़ियों में बैठकर बहार निकले, किसानों के भेष में आये असामाजिक तत्वों ने दोनों गाड़ियों को घेर लिया और लोहे के रॉड, पत्थर, डंडों से जानलेवा हमला किया।   जिसमें दोनों गाड़ियों के अगले पिछले शीशे टूट गए लेकिन भाग्यवश दोनों नेताओं की जान बच गई। उन्होंने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि हमला करने वाले लोग  किसी भी सूरत में किसान नहीं हो सकता।   लेकिन किसानों के भेष में असामाजिक एवं गुंडा तत्त्वों द्वारा इस प्रकार पुलिस को मजबूर कर देना और अपनी मनमानी करना चंडीगढ़ जैसे शांतिप्रिय एवं संवेदनशील शहर के लिए ठीक नहीं है।    बाहर से आकर कोई भी हमारी पुलिस को मजबूर कर दे, राजनितिक दलों के नेताओं पर जानलेवा हमला कर दे तो इससे शहर का माहौल ख़राब  होगा | उन्होंने आज के पुलिस बल के पुख्ता प्रबंधों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शनिवार को उस समय पुलिस  प्रशासन के प्रबंध कहा थे जब वो अराजकता को अंजाम दे रहे थे जबकि आज भाजपा के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं | उन्होंने  कहा कि यदि इन गुंडों पर पुलिस अंकुश नहीं लगाती तो फिर हमारी पार्टी के कार्यकर्ता भी ऐसे अराजक तत्वों को मुहतोड़ जवाब देना  जानते हैं | हम एक अनुशासित सिपाही हैं और हम नहीं चाहते कि ये लोग भविष्य में ऐसी घटना को दोबारा अंजाम देने की हिम्मत करें |

महापौर रविकांत शर्मा ने बताया कि उन्होंने एस पी (सिटी)  को फ़ोन कर पूछा था कि बाहर क्या स्थिति है और शांतिपूर्वक निकल सकते हैं या नहीं।   इस पर उन्हें यही बताया गया की बाहर सब कुछ ठीक है।

उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि  जिस प्रकार उपद्रवियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुँचने दिया गया, उनके ट्रैक्टरों से मार्केट के तीन रास्ते बंद करने दिए गए, उससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े होना स्वाभाविक है।  एक दिन पूर्व पुलिस को सभी तथ्य उपलब्ध करवाने के बाद भी जिस प्रकार की लापरवाही पुलिस द्वारा बरती गई है, उसका परिणाम जानलेवा हमले के रूप में हुआ। उन्होंने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को अंजाम देने वाले असामाजिक एवं गुंडा तत्त्वों के खिलाफ शीघ्र उचित कार्यवाही की जाए और सुरक्षा में कोताही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर उनकी भूमिका की भी जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और शांतिपूर्ण शहर की न तो शांति भांग हो और  न ही कानून व्यवस्था।