बुखार, खांसी व जुकाम के लक्षण वाले करवाएं चिकित्सीय जांच, मॉस्क व बचाव उपायों की कड़ाई से करें पालना
ऐलनाबाद, 13 मई,2021
एसडीएम दिलबाग सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की चेन तोडऩे के लिए ग्रामीण अपने-अपने गांव में ठीकरी पहरा लगाकर बाहर से आने-जाने वालों पर निगरानी रखें। इसके साथ ही गांव में जो भी व्यक्ति बुखार, खांसी व जुकाम के लक्षण वाला है, उसे चिकित्सीय जांच के लिए प्रेरित करें। संक्रमण से बचाव के लिए मास्क जैसे प्रभावी उपायों की पालना करें और कोरोना की रोकथाम में प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि पहले भी ग्रामीणों ने ठीकरी पहरा लगाकर संक्रमण के फैलाव पर रोक लगाने महत्वपूर्ण निभाई थी। चूंकि अब गांवों में संक्रमण का फैलाव हो रहा है, इसलिए ग्रामीण गंभीरता से गांव में ठीकरी पहरा लगाकर कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गांव में बाहर से आने व जाने वाले व्यक्तियों पर निगरानी रखें, ताकि संक्रमण फैलाव की संभावना को खत्म किया जा सके।
एसडीएम ने कहा कि खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क करके जांच करानी चाहिए। मास्क का उपयोग करें और एक-दूसरे से उचित दूरी बनाएं रखें। खांसी होने व छींकते समय टिश्यू व रुमाल का उपयोग करें। स्वयं उपचार करने की बजाय डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
उन्होंने कहा कि नागरिक लॉकडाउन की सभी दिशा-निर्देशों व नियमों की दृढता से पालना करें। दुकानदार प्रशासन द्वारा निर्धारित समय अनुसार ही दुकानों को खोलें व बंद करें। दुकान पर मास्क, सोशल डिस्टेसिंग, सेनेटाइजर आदि बचाव प्रबंधों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दुकानदार सामान का वितरण करते समय सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखें। आमजन लॉकडाउन के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न घुमें।
एसडीएम ने कहा कि कोरोना को लेकर नागरिक लापरवाह बिल्कुल भी न हों। आमजन की छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन कोरोना को लेकर बहुत ही गंभीर है। यदि कोई भी व्यक्ति लॉकडाउन की उल्लंघना करता है या मास्क आदि बचाव उपायों की पालना नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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