डीसी ने दिए आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश

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मंडी, 19 जून,2021-
उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने मंडी जिला में मानसून की आमद के मद्देनजर आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने को अपने पूर्व इंतजाम चाक चौबंद रखें।
उपायुक्त डीआरडीए सभागार में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
ऋग्वेद ठाकुर ने बैठक में मानसून को लेकर आपदा प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सफाई का रखें ध्यान…ताकि चोक न हों नाले-नालियां
उपायुक्त ने खड्डों, नालों में बहाव केेे अवरोध को दुरूस्त करने पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने बरसाती नालों के बहाव मार्ग व गावों-शहरों में नालियों की साफ सफाई पर बल दिया और संबंधित अधिकारियों को यह तय बनाने के निर्देश दिए कि प्लास्टिक आ अन्य कूड़े के कारण नालियां-नाले चोक न हों, ताकि बरसात में पानी की निकासी ठीक रहे। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रोें में पंचायत जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर साफ सफाई के लिए मुहिम चलाने को कहा।
सभी विभाग आपसी समन्वय से करें काम
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि बरसात में शुद्ध पेयजल आपूर्ति निर्बाध रखने की व्यवस्था करें। बिजली की तारों को होने वाले नुकसान और खंबे उखड़ने की स्थिति में मरम्मत कार्य के लिए बिजली बोर्ड तैयारी रखे।
ऋग्वेद ठाकुर ने संबंधित विभागों को आपदा की स्थिति में पानी के निकास की उचित व्यवस्था, खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का भण्डारण एवं वितरण, जीवन रक्षक दवाईयों और मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था के लिए अपनी पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करते हुए चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम उठाएं। बरसात के दौरान सड़कों को सुचारू रखने, भूस्खलन की स्थिति में रास्तों एवं सड़कों से मलबा हटाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान
उन्होंने मानसून सीजन में यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। बारिश के कारण पहाड़ी से सड़क पर चट्टानें गिरने या मलबा आने की स्थिति में यातायात को वैकल्पिक मार्ग पर मोड़ने को लेकर पहले से ही रणनीति तैयार रखने को कहा।
उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि मंडी से कुल्लू के वैकल्पिक मार्ग कटौला सड़क के सुधार अथवा मरम्मत कार्य की जरूरत है, तो उसे तुरंत करें।
उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को यह सुनिश्चित बनाने को कहा कि फोरलेन में पहाड़ी के कटिंग के कार्य में सड़क बंद करने को लेकर पूर्व जानकारी दें, जिससे पहले ही यातायात को वैकल्पिक मार्ग पर मोड़ने की व्यवस्था की जा सके।
उन्होंने यह ध्यान रखने को कहा कि सड़क निर्माण कार्य के चलते जल निकासी नालियां बंद न हों।
लोगों को सूचित करने की व्यवस्था करें और मजबूत
उन्होंने जिला में पंडोह, लारजी, बरोट इत्यादि डैम से पानी छोड़े जाने की स्थिति में लोगों को नदी में जलस्तर बढ़ने को लेकर सूचित करने की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्रवण मांटा, जिला राजस्व अधिकारी राजीव सांख्यान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।