तावडू में एक नशा मुक्ति केन्द्र स्थापित किया जाएगा – मंत्री आरती सिंह राव

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चंडीगढ़, 17 मार्च 2026

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि फ़िरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, तावडू में एक नशा मुक्ति केन्द्र स्थापित किया जाएगा

स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी।

उन्होंने बताया कि जिला नूंह में दो सरकारी नशा मुक्ति केन्द्र कार्यरत हैं, जिनमें शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में 10 तथा जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में 17 बेड नशा मुक्ति हेतु मरीजों के लिए आरक्षित हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक जिला नूंह में नशे के कारण किसी भी व्यक्ति की मृत्यु की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में नशा मुक्ति के लिए उठाए गए क़दमों की जानकारी देते हुए बताया कि “मानस” मादक पदार्थ निषेध सूचना सहायता (राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933) एक जन-रिपोर्टिंग मंच के रूप में कार्य करता है, जिसके माध्यम से नागरिक नशीले पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की सूचना दे सकते हैं। प्राप्त सूचनाओं की समीक्षा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा की जाती है। इस मंच को वर्ष 2025 में राज्य भर से 564 कॉल प्राप्त हुई तथा वर्ष 2026 में अब तक 163 कॉल प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें जिला नूंह से वर्ष 2025 में 23 कॉल और वर्ष 2026 में अब तक 8 कॉल प्राप्त हुई हैं।

आरती सिंह राव ने बताया कि गत 24 अप्रैल 2025 को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा “मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार योजना” का शुभारम्भ किया गया। इस योजना का उद्देश्य आदर्श गांवों को बढ़ावा देना तथा ग्राम पंचायतों की भूमिका को सुदृढ़ करना है। इस योजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, कृषि, डिजिटल कनेक्टिविटी और सतत अवसंरचना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही, नशा रोकथाम, पराली जलाने पर रोक, स्वच्छता और जल संरक्षण को बढ़ावा देने वाले गांवों को विशेष मान्यता दी जाएगी। जनसंख्या श्रेणियों के आधार पर प्रथम पुरस्कार 51 लाख, द्वितीय पुरस्कार 31 लाख तथा तृतीय पुरस्कार  21 लाख रुपए रखा गया है। यह राशि गांवों के विकास कार्यों पर व्यय की जाएगी।

उन्होंने आगे बताया कि गत 5 अप्रैल 2025 को  मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से “ड्रग-फ्री हरियाणा साइक्लोथॉन 2.0” का शुभारम्भ किया गया। यह राज्यव्यापी नशा विरोधी जागरूकता अभियान था, जिसमें लगभग 4.5 लाख नागरिकों ने भाग लिया और यह अभियान हरियाणा के सभी जिलों से होकर गुजरा। इसके बाद 9 अप्रैल 2025 को यह रैली नूंह पहुंची, जहां लगभग 2,000 नागरिकों ने भाग लिया। आगे 11 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद के सेक्टर-12 खेल परिसर से इसके अगले चरण को रवाना किया, जो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए उसी दिन गुरुग्राम में सम्पन्न हुआ और नशा मुक्त राज्य का संदेश दिया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि हरियाणा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा केमिस्ट दुकानों तथा औषधि वितरण प्रणाली की निगरानी को सुदृढ़ किया जा रहा है।खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत जनस्वास्थ्य के हित में 5 सितम्बर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए फ्लेवर्ड तंबाकू उत्पादों (गुटखा, पान मसाला, खैरा आदि) के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य भर में 20,788 निरीक्षण किए गए, जिनके परिणामस्वरूप 81 लाइसेंस पूर्ण रद्द, 18 आंशिक रद्द तथा 1,989 लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके अतिरिक्त 438 छापे मारे गए, जिनसे 297 दवा जब्ती की गई। साथ ही नियामक उपायों के तहत 37,083 केमिस्ट दुकानों में से 35,754 दुकानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 96.4% सीसीटीवी कवरेज दिसंबर 2025 तक सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि जिला नूंह में 674 में से 644 केमिस्ट दुकानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 के दौरान नियामक कार्रवाई के तहत 3 छापे, 25 निरीक्षण तथा 24 लाइसेंस निलंबन किए गए।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सदन के सभी सदस्यों से राज्य को नशा मुक्त करने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सदन में प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा जिन गांवों में नशा बिक्री की बात कही है उन गाँवों में विशेष जांच करवाई जाएगी।