पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय का ज्वलंत मुद्दा एवं चिंतनीय विषय

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पौधारोपण समस्या के समाधान का एकमात्र जरिया
एक पेड़ मां के नाम तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ धरा और समाज दोनों की जरूरत: कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी।

चंडीगढ़, 14 जुलाई 2025

हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि धरा के संरक्षण के लिए पेड़ वरदान है। इसी प्रकार संतुलित एवं सभ्य समाज के निर्माण के लिए बेटियों का बराबर सम्मान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इन महत्वपूर्ण विषयों के प्रति पूर्णतया गंभीर है और उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरूआत कर देश वासियों से पौधारोपण में सहभागिता की अपील की। इसी तरह बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ केंद्र सरकार की दूसरी बड़ी योजना है, जिसकी शुरूआत वर्ष 2015 में हरियाणा के पानीपत से प्रधानमंत्री श्री मोदी ने थी। इन दोनों अभियानों के प्रति जन-जन में चेतना आने वाले समय में संतुलित समाज एवं शुद्ध पर्यावरण की पौषक साबित होंगी।

श्री बेदी आज जींद जिले के गांव ढाबी टेक सिंह में पौधारोपण अभियान के तहत पौधारोपण करने उपरांत लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने गांव के विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ 50 लाख रूपये अनुदान देने की भी घोषणा की।

श्री बेदी ने कहा कि महिला सम्मान के लिए सरकार द्वारा निरंतर कार्यक्रम चलाए जा रहे है। इन कार्यक्रमों की सफलता के लिए महिलाओं में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच का होना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने ग्राम पंचायत द्वारा रखी गई सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया और कहा कि विभागीय औपचारिकताएं एवं तकनीकी नॉर्म्स पूरा होने पर सभी कार्यों का निर्माण करवा दिया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने शहर में निजी संस्था द्वारा संचालित जिम का किया उद्घाटन

श्री बेदी ने नरवाना बस स्टैंड के नजदीक निजी संस्था द्वारा संचालित एक जिम का रिबन काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क वास करता है। आज के भौतिकवादी युग में जहां मानव जीवन में लगातार बीमारियां बढ़ रही हैं, ऐसे में इस तरह के जिम एवं शारीरिक कसरत ही युवाओं और नागरिकों को सशक्त एवं स्वस्थ बनाने में मददगार हो रहे हैं। सरकार का प्रयास रहा है कि प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। यह पहल न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम कदम है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन का संदेश भी देती है।