चण्डीगढ़, 9 जुलाई – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी. दलाल ने कहा कि कृषि को एक आजीविका न मानकर एक मिशन के रूप में काम करें।
उन्होंने यह बात आज चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘बागवानी वर्कशाप‘ में वर्चुअल माध्यम से कही।
श्री दलाल ने कहा कि किसानों को परम्परागत खेती से आधुनिक खेती की तरफ बढ़ाया जाए, इसके लिए धरातल पर अपने अनुभवों के आधार पर कृषि तकनीक को विकसित करने और कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होनें कहा कि प्रदेश में कुल बागवानी क्षेत्रफल में से लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्रफल सब्जियों का है
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को अधिक जागरूक कर बागवानी की तरफ उनका रूझान बढ़ाया जाए ताकि वे परम्परागत खेती से कम लागत व कम पानी वाली फसलों को उगाकर अधिक मुनाफा कमा सकें क्योंकि पानी की बहुत बडी समस्या होती जा रही और पानी का लेवल भी नीचे गिर रहा है।
उन्होंने वर्कशाप में अधिकारियों और विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को कहा कि दिल्ली एन.सी.आर के आस-पास वाले क्षेत्र में अधिक सब्जियां उगाई जाएं जिससे किसानों की आमदनी को और अधिक बढ़ाया जाए। जिसके लिए उनको जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी मार्किट को खड़ा किया जाए जिससे किसानों को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
किसानों को आर्गेनिक खेती की तरफ भी बढ़ाया जाए। इससे भूमि की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ेगी और रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होने से लागत में कमी के साथ-साथ फसल उत्पादन में वृद्वि होगी।
उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक खेतों में जाकर किसानों से उनकी समस्या के बारे जानकरी लेकर उस विषय पर काम करें। ताकि किसान की सहायता कर उनको सक्षम बनाने में सफल हो सकें।
उन्होंने कहा कि अपने हाईब्रीड बीजों को तैयार किया जाए ताकि किसानों को बाजार से महंगे दामों पर बीज न खरीदने पड़े। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी को 2022 तक दोगुना करने के लक्ष्य को लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में कार्य कर रहे हैं ।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को कहा लम्बे समय से चली आ रही तकनीकों के अलावा नई तकनीकें भी अपनानी चाहिए जो किसानों की फसल के लिए मददगार साबित हो, समय के साथ-साथ हर क्षेत्र में बदलाव लाना जरूरी है। बागवानी क्षेत्र आज के समय में सबसे ज्यादा उत्पादन एवं आय देने वाला क्षेत्र है, इसके लिए अधिकारियों को अधिक से अधिक कार्य करने चाहिए।
इस अवसर पर वर्कशाप में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक श्री हरदीप सिंह, बागवानी विभाग के महानिदेशक निदेशक डाॅ अर्जुन सैनी, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.आर.कम्बोज और महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर समर सिंह सहित विभागों के अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुडें।

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