भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार मतदाता सूचियों के अद्यतन के लिए चलाये जाते हैं विशेष अभियान

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सभी पात्र नागरिकों का नामांकन सुनिश्चित करने को घर-घर किया जाता है सत्यापन: ए. श्रीनिवास

चंडीगढ़, 24 जून 2025

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अपने-अपने राज्य में नियमित रूप से अभियान चलाकर त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करते हैं। इसी कड़ी में आयोग ने बिहार राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि इस महाअभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं के घर—घर तक जाकर सूचनाओं का सत्यापन करेंगे ताकि सभी पात्र नागरिकों को सूची में सम्मिलित किया जा सके, अयोग्य नाम हटाए जा सकें और मतदाता सूची में अपात्र व्यक्तियों की प्रविष्टियों को रोका जा सके।

गहन पुनरीक्षण की आवश्यकता

उन्होंने कहा कि आयोग का मानना है कि देश में शहरीकरण में तेजी, लगातार प्रवास, युवाओं का मतदान के योग्य होना, मृतकों की सूचना न मिलना और अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में आ जाना जैसे कई कारणों से इस व्यापक संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई।

राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहन

उन्होंने कहा कि ECI ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) को प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए नियुक्त करें ताकि पुनरीक्षण की पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी गड़बड़ी को प्रारंभिक स्तर पर ही दूर किया जा सके।

संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य

पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 और 23 के तहत निर्धारित पात्रताओं का कठोरता से पालन किया जाएगा। ईआरओ (Electoral Registration Officer) द्वारा नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों की पुष्टि की जाएगी और ईसीआईनेट (ECINET) पर उन्हें अपलोड भी किया जाएगा, जिससे पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

गोपनीयता का विशेष ध्यान

मतदाता दस्तावेजों की गोपनीयता को बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि ये दस्तावेज केवल अधिकृत निर्वाचन अधिकारियों तक ही सीमित रहेंगे। किसी दावे या आपत्ति की स्थिति में एईआरओ (Assistant ERO) जांच करेगा और आवश्यकता होने पर जिला मजिस्ट्रेट या मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपील की जा सकती है।

कमजोर वर्गों के लिए विशेष सुविधा

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वृद्ध, विकलांग, बीमार और अन्य कमजोर वर्गों के मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उनके लिए आवश्यकता अनुसार स्वयं सेवकों की सहायता, विशेष शिविर और मोबाइल टीमों की व्यवस्था की जाएगी।

संपूर्ण सफलता के लिए जनसहयोग अनिवार्य

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह महत्त्वपूर्ण लोकतांत्रिक अभ्यास तभी सफल होगा जब इसमें मतदाताओं और राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो। पुनरीक्षण प्रक्रिया न केवल मतदाता सूची की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि आगामी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी सुदृढ़ करेगी।