शिक्षा संस्थानों के युवा कोरोना में सेवा विजेता के रूप में सामने आएं -डाॅ. बलराम पाणी

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कोरोना महामारी पर हम मिलकर सेवा करते हुए विजय प्राप्त करेंगे – प्रो. के.पी. सिंह
नई दिल्ली, कोरोना विजय अभियान समिति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डाॅ. बलराम पाणी- डीन आॅपफ काॅलेज, प्राचार्य-भास्कराचार्य कालेज ने कोरोना काल में युवाओं की सहभागिता विषय पर आॅनलाईन वेबीनार में उपस्थित विश्वविद्यालय के कुलपति, प्राचार्य तथा समूह युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि हिंदुस्थान के शिक्षा संस्थानों के वाइस चांसलर, प्राचार्य, आचार्य में अपने युवाओं को कोरोना कार्यकाल पर विजय प्राप्त करने के लिए प्रेरणा देने का पर्याप्त सामथर््य है। हम अपने संपर्क के प्रत्येक युवा विद्यार्थी को सेवा कार्य में लगाने का संकल्प लें।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. के.पी. सिंह ने समूह संगतों से विचार सांझे करते हुए कहा, कि कोरोना महामारी पर हम मिलकर विजय प्राप्त करेंगे ही, आवश्यकता है कि कोरोना कार्यकाल में हमारे व्यक्तित्व का जो ईश्वरीय प्रभाव है वे आज हम उपयोग कर हिन्दुस्थान को महामारी के कार्यकाल में विजेता बनाकर देश, ध्र्म, समाज की रक्षा का वरत अपने जीवन में साकार कर दिखाएं।
श्र(ेय निर्मले संत डाॅ. स्वामी रामेश्वरानन्द जी ;न्यूरो सर्जनद्ध ने संगतों को स्मरण कराते हुए कहा कि जब-जब देश पर किसी भी प्रकार की विपत्ति आती है तो हिन्दुस्थान का जन-जन सेवा, त्याग, समर्पण का साक्षात रूप ले लेता है। आवश्यकता है कि सीनियर सिटीजन घर में रहते हुए अपने सम्पर्क के युवाओं और महानुभावों के साथ पफोन द्वारा निरन्तर सम्पर्क में रहकर उनकी दैवीय शक्तियों को जगाकर नियमों का पालन करते हुए जन-जन को कोरोना महामारी की चुनौती उनकी अपनी व्यक्तिगत बन जाए।
श्री संतोष तनेजा जी-अध्यक्ष, संकल्प संस्थान ने अपने अनुभवों से संगतों को जानकारी देते हुए कहा कि भले ही हमको दो टीके लग गए हैं या एक लगा है। इस पर भी कोरोना का जो अनुशासन है मास्क पहनकर रखना, हाथ साबुन से धेते रहना तथा आपस में दो गज की दूरी बनाकर रखें। कोरोना कार्यकाल में हम अपने सम्पर्क में जो समाजसेवी संगठन है उनसे सम्पर्क कर उनके सेवा के कार्य में लगाए।
राष्ट्रीय सिख संगत के राष्ट्रीय महामंत्राी संगठन श्री अविनाश जायसवाल जी ने उपस्थित युवाओं और महानुभावों को, जो ज्ञान की साध्ना से वर्तमान तथा आने वाली पीढ़ी के लिए संजीवनी का काम कर रहे हैं, वे अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान कर कोरोना विजय को सुनिश्चित कर दिखाएं। श्री जायसवाल जी ने अपने स्वर्णिम इतिहास का स्मरण कराते हुए कहा कि हमारी माताओं, बहनों, बेटियों के कारण से ही हिन्दुस्थान की ध्र्म सभ्यता आज तक गौरवमयी बनी हुई है। आवश्यकता है कि वर्तमान अमृत के समान घर में, समाज में सब प्रकार के दायित्व निभाते हुए कोरोना काल को ना केवल अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए चानन मीनार ;्रप्रकाश स्तम्भद्ध बनकर अपना असली रूप प्रकटाएं।
डाॅ. रचना तेलंग-प्राचार्या, राजसमंद ;राजस्थानद्ध ने नारी शक्ति पर विचार सांझे करते हुए कहा कि हम घर में रहकर कोरोना कार्यकाल में जहां अपने बेटे-बेटियांे, माता-पिता तथा पति के साथ मिलकर घर को स्वर्ग बना सकती है वहां महारानी झांसी लक्ष्मीबाई, पंजाब दशगुरु परम्परा के लिए अपना सर्वस्व लुटाने वाली माई भागो, अपने पति के स्वर्गवास होने पर वीरांगना अहिल्याबाई ने मालवा प्रदेश में अपने राज्य की सुव्यवस्था करवाकर, ऐसी ही भारत की वीरांगनाओं ने नारी जाति का गौरव स्थापित किया है। आज आवश्यकता है कि इस कोरोना कार्यकाल की विजय में पुनः उनका स्वर्णिम योगदान हो, इसके लिए हम बु(िजीवी संकल्प लें।
शिमला ;हि.प्र.द्ध से प्रिंसीपल स. भूपिन्दर सिंह ने कहा कि हमारी दशगुरु परम्परा का सेवा ही मुख्य प्रेरणा है। आज भी देश के सभी गुरुद्वारों में लंगर, आॅक्सीजन, आॅक्सीजन कंस्टेªटर तथा मूल्यवान औषध्यिां जन-जन को सेवा के रूप में प्रदान की जा रही है। श्री गुरु तेगबहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व वर्ष में उनके देश, ध्र्म, समाज के लिए बलिदान को हम इस कोरोना कार्यकाल में उनकी शिक्षाओं का प्रचार प्रसार कर, कोरोना महामारी पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। डाॅ. सुरेन्द्र घंकरोकटा, रिटायर्ड सेक्रेट्री भारत सरकार तथा वर्तमान में पफूड कारपोर्रेशन हि.प्र. के चेयरमैन ने विचार प्रकट करते हुए कहा कि हम पहले भी इन सेवाकार्यों को प्रोत्साहित करने में लगे हुए हैं। आने वाले समय में भी ऐसे सेवावर्ती कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करके कोरोना पर विजय प्राप्ति हेतु सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए उनकी शक्तियों का उपयोग करेंगे।
कार्यक्रम के आयोजक डाॅ. छगनलाल-सहायक प्रोपफेसर-स्वामी श्र(ानंद काॅलेज ;दिल्ली विश्वविद्यालयद्ध , समागम के संयोजक-सहायक प्रो. सोहनलाल गुसाई, सहायक प्रो. डाॅ. कपिल दहिया, श्री पूराराम मेघवाल, युवा प्रमुख श्री राकेश चैरड़िया ने इस समागम को प्रेरक, प्रभावी, संस्कारक्षम, प्रेरणादायी बनाने के लिए जो परिश्रम किया है उसके लिए हम सब प्रार्थना ;अरदासद्ध करते हैं कि परमपिता परमात्मा उनको इस कोरोना कार्यकाल में कोरोना विजय का अमृत बनाकर प्रकटाता रहे। इस वेबीनार में प्रो. आर.एन. श्रीवास्तव, प्रो. डी. आर. गलवानी
प्रो. नेनीचंद, डाॅ. एस.आर. बालोच, प्रो. बी.आर. गाडी, प्रो. नरपत नेनीवाल, डाॅ. विनोद इंदोरा, डा. विनोद मायला, डाॅ. राज बालियान, डाॅ. शैलेन्द सिंह, डाॅ. हस्तीमल आर्या, डाॅ.ओ.पी दहिया, प्रो. सोहन चैध्री, डाॅ. ओमदत्त, डाॅ. अनिल कुमार, डाॅ. लक्ष्माण पालीवाल, डाॅ. लालजी मीणा, डाॅ. अमरसिंह, डाॅ. श्रवण, डाॅ. नरेन्द्र विश्नोई, डाॅ. महावीर गेवा, डाॅ. मुकेश भीमवाल, डाॅ. प्रदीप कुमार, डाॅ. शैली जग्गा, डाॅ. दिनेश हंस,
प्रो. रंजू बाला, डाॅ. नेमीचंद गर्ग, प्रो. कृष्ण कुमार, श्री कृष्णा गुसाई ने भी वेबीनार के आयोजन में कोरोना विजय पर अपने विचार सांझे किए।