हरियाणा के खान एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने फील्ड में तैनात खनन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मिनरल डीलर लाइसेंस जारी करने से पहले अच्छी तरह से साइट का सत्यापन व जांच की जाए

MOOLCHAND SHARMA
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चंडीगढ़, 11 अगस्त – हरियाणा के खान एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने फील्ड में तैनात खनन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मिनरल डीलर लाइसेंस जारी करने से पहले अच्छी तरह से साइट का सत्यापन व जांच की जाए। साथ ही, एमडीएल से जुड़ी रिपोर्ट एचईपीसी पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा में मुख्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें ।
श्री मूलचंद शर्मा आज यहां विभाग के माइनिंग अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान फील्ड में तैनात स्टाफ को पेश आने वाली समस्याओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने माइनिंग अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्रैशर प्लांट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को रैंडमली चैक किया जाए। अगर रिकॉर्डिंग चैक करने के दौरान किसी भी प्लांट का कैमरा बंद पाया जाता है तो तुरंत उसका लाइसेंस रद्द किया जाए। उन्होंने हिदायत दी कि राजस्थान की तरफ से  महेंद्रगढ़ के कच्चे रास्तों को बंद किया जाए और क्रैशरों के खिलाफ भी इस बात को लेकर सख्ती की जाए कि वे वहां से आने वाला माल लेना बंद करें। साथ ही, रेवाड़ी में भी इसे लेकर सख्ती की जाए।
खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि जिस भी गाड़ी का बिल नहीं है उसे तुरंत बंद किया जाए। इसके अलावा, खनन ठेकेदारों की तरफ बकाया राशि की वसूली भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अवैध माइनिंग की चेकिंग के दौरान संबंधित उपायुक्तों से अनुरोध करके वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों की भी ड्यूटी लगवाएं।
उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि राज्य सरकार द्वारा ओवरलोडिंग के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान और संवेदनशील प्वाइंट्स पर नाके लगाने से ओवरलोडिंग के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरीके से कार्रवाई जारी रहनी चाहिए ताकि ओवलोडिंग पर अंकुश लगाया जा सके।
श्री मूलचंद शर्मा ने माइनिंग अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेत और पत्थर के अलावा मिट्टी भी राजस्व का अहम जरिया है। दिल्ली से सटे राज्य के कुछ क्षेत्रों में अवैध रूप से मिट्टी निकालने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों, खासकर झज्जर और बहादुरगढ़ के आस-पास निकाली गई मिट्टी का रिकॉर्ड मुख्यालय को भेजा जाए।
बैठक में खान एवं भू-विज्ञान विभाग के महानिदेशक मोहम्मद शाइन और संयुक्त निदेशक श्री आशुतोष राजन के अलावा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।