हरियाणा सरकार किसानों को कृषि व्यापार से जोडऩे के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस दिशा में कृषि एवं कृषि से सम्बंधित विभागों ने कई कदम उठाए हैं

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चंडीगढ़, 17 जून- हरियाणा सरकार किसानों को कृषि व्यापार से जोडऩे के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस दिशा में कृषि एवं कृषि से सम्बंधित विभागों ने कई कदम उठाए हैं।

         यह जानकारी आज कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती सुमिता मिश्रा ने चंडीगढ़ में ‘‘इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण एंव मार्केट लिंकेज में निवेश’’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करते हुए दी। यह कार्यक्रम स्फैक हरियाणा एवं ई एंड वाई कंपनी द्वारा आयोजित किया गया।

         श्रीमती सुमिता मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि बागवानी फसलें जैसे फल व सब्जियों का संगठित व्यापार सदा ही चुनौती पूर्ण रहा है। हालांकि हरियाणा सरकार ने फल व सब्जियों की 38 मण्डियों का निर्माण कराया है। परन्तु व्यापार के बदलते स्वरूप में सीधा बाजारीकरण एक बेहतर विकल्प उभर कर आया है। ऐसे में फसल उत्पादन का एकत्रीकरण व सप्लाई चैन को सुदृढ़ करना अति आवश्यक है। जिससे किसानों को और अधिक मजूबती प्रदान की जा सके।

         इस कार्यशाला में कृषि निवेश एवं फल व सब्जी आपूर्ति कम्पनियां से लगभग 20 निवेशक, 150 किसान उत्पादक संगठन , एफ.पी.ओ. कृषि विभाग, उद्यान विभाग, मण्डी बोर्ड, हेफेड, कोपरेटिव विभाग, हरियाणा एग्रो कॉर्पोरेशन, एम.एय.एम.ई. विभाग, मत्सय विभाग, पशु पालन विभाग, केंद्र एजेंसियों में नाबार्ड, एनसीडीसी,  स्फैक ने शिरकत की। जिसमें 235 प्रतिभागी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से एवं 40 प्रतिभागी कार्यशाला में सीधे तौर पर उपस्थित रहे।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए  डॉ. अर्जुन सिंह सैनी,  एम.डी. स्फैक, हरियाणा ने कहा कि स्फैक के माध्यम से पूरे हरियाणा के बागवानी फसलों की मेपिंग करने उपरान्त लगभग 400 फसल कलस्टर बनाए हैं। प्रत्येंक कलस्टर में 1 से 2 एफ.पी.ओ. बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा इन कलस्टरों में एकीकृत पैक हाउस का निर्माण भी किया जा रहा है। अभी तक हरियाणा में लगभग 600 एफ.पी.ओ. बन चुके हैं। यही नही 5 पैक हाउस का निर्माण हो चुका है एवं 35 पर कार्य चल रहा है तथा 120 अन्य पैक हाउस अगले 1 से 2 वर्षो में बनकर तैयार हो जाएंगें।  इस आधरिक संरचना का विकास होने पर हरियाणा में एग्री बिजनेस की अपार संभावनाएं उत्पन हो रही हैं।