भावांतर भरपाई योजना बनीं आलू उत्पादक किसानों के लिए संकटमोचक

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बंपर पैदावार से भाव कम हुए तो संरक्षित मूल्य से किसान हुए जोखिम फ्री

कई किसान संगठनों ने फोन कर योजना के शिल्पी पूर्व कृषि मंत्री औमप्रकाश धनखड़ का किया धन्यवाद

पंजाब सरकार भी  हरियाणा की बागवानी भावांतर भरपाई जैसी योजना बनाकर किसानों को आर्थिक संकट से उबारे  – बोले धनखड़

चंडीगढ़,  21 फरवरी 2026

इस वर्ष आलू की बंपर पैदावार के कारण बाजार में आलू के भाव गिरने से मायूस किसानों को बागवानी भावंतर भरपाई योजना का सहारा मिला है। हरियाणा और पंजाब में आलू के भाव 150 रुपये से लेकर 400 रुपये प्रति क्विंटल के उतार चढ़ाव के साथ बने हुए हैं। कुरुक्षेत्र में 230  रुपये   से 380 रुपये, हिसार में 300 रुपये से 400 रुपये, किसानों का कहना है कई बार आढ़ती आवक ज्यादा होने पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की बोली लगा रहे हैं। झज्जर में आलू की पैदावार कम है यहां पर किसान राजेंद्र ने बताया कि पहले भाव ठीक मिला,   लेकिन अब 300 रुपये तक आ गया है। पंजाब और दूसरे प्रदेशों में भाव कम मिलने पर हताशा में किसान आलू की तैयार फसल की खेत में ही जुताई कर रहे हैं, क्योंकि आलू को मंडी तक पहुंचना ही मंहगा पड़ रहा है।

हरियाणा में भावांतर भरपाई योजना आलू उत्पादक किसानों के लिए संकटमोचक का काम कर रही है।  जिला बागवानी अधिकारी आर एस लाठर ने बताया कि हरियाणा  सरकार ने आलू का भाव कम होते ही भावांतर भरपाई योजना के तहत 600 रूपये प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य तय कर दिया , ताकि किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान न हो। उन्होंने बताया को दो साल पहले टमाटर के भाव भी 150 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गए थे, हरियाणा सरकार ने टमाटर का 500 रूपये संरक्षित भाव घोषित कर टमाटर उत्पादक किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत आर्थिक लाभ दिया था। हरियाणा में लगभग 30 हजार हेक्टेयर भूमि में टमाटर की खेती की जाती है। हजारों टमाटर उत्पादक किसान लाभान्वित हुए। कई किसान संगठन के नेताओं ने फोन कर भावांतर भरपाई योजना के शिल्पी पूर्व कृषि मंत्री औमप्रकाश धनखड़ की प्रशंसा की है। अब ये किसान संगठन पंजाब में भी हरियाणा की तर्ज पर भावांतर भरपाई जैसी योजना को लागू करने की मांग कर रहे हैं।

पीएम मोदी के नेतृत्व किसानों को किया जोखिम फ्री

भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष औमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा फसल लागत मूल्य का कम से कम डेढ़ गुणा भाव देने का कानून बनाने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बनाकर लागू करने , बिना बीमित फसल खराबे का मुआवजा आपदा प्रबंधन की नीति के तहत दोगुना करने और अनाजों की एमएसपी निंरतर बढ़ाने से किसान जोखिम फ्री हुए हैं। वर्ष 2018 में झज्जर रेस्ट हाउस में कुछ बागवानी किसान उनसे मिलने पहुंचे और बोले बागवानी किसानों को भी जोखिम फ्री कर दो धनखड़ साहब। आप किसानों की बुलंद आवाज हैं । आप से बेहतर बागवानी किसानों के जोखिम को कौन समझ सकता है। उसी दिन बागवानी किसानों के सुझाव लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल से विचार विमर्श किया और बागवानी किसानों को जोखिम फ्री करने का निर्णय लेते हुए बागवानी भावांतर भरपाई योजना तैयार की गई। बागवानी की 21 फसलों को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया गया। योजना का उद्देश्य बागवानी किसानों को सब्जियों व फलों के दाम कम होने पर आर्थिक नुकसान से बचाना और उनकी आय सुनिश्चित करना था। इसके लिए किसानों को अपनी फसल का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बागवानी विभाग की वेबसाइट पर पंजीकृत मंडियों में सरकार द्वारा निर्धारित संरक्षित मूल्य से कम भाव में बिक्री होने पर भाव के अंतर की राशि सरकार किसानों के खाते में भेजती है। आपने देखा होगा हमारी सरकार ने किसान हित में  सरसों और बाजारे को भी भावांतर भरपाई योजना के तहत खरीदा है। शहद को भी अब भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया गया है।

 हरियाणा में आठ से नौ लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन

पूर्व कृषि मंत्री धनखड़ ने बताया कि एक अनुमान के अनुसार हरियाणा में आठ से नौ लाख मीट्रिक टन  आलू पैदावार होती है यानी 80 से 90 करोड़ किलोग्राम । एक किलोग्राम पर सरकार संरक्षित मूल्य के तहत तीन से चार रूपये भी किसान को देती है तो आलू की पैदावार करने वाले किसानों के खाते में 250 से 300 करोड़ रूपये भावांतर भरपाई योजना के तहत दिए जाते हैं। कुछ ऐसे जागरूक किसान भी हैं जो शुगर फ्री नीलकंठ, कुफरी जैसे अच्छी किस्म की पैदावार करते हैं और स्वयं अपना उत्पाद अच्छे दामों पर बेचते हैं। हमारा प्रयास यहीं होना चाहिए कि हम प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रोत्साहित करें, ताकि हर किसान अपनी फसलों के बाजार से भी ज्यादा दाम ले सकें।

 पंजाब सरकार भी हरियाणा की  बागवानी भावंतर भरपाई जैसी योजना लाए

पूर्व कृषि मंत्री धनखड़ ने कहा कि आप पार्टी की सरकार जब दिल्ली में थी तब उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू नहीं होने दी। अब पंजाब में आलू के किसान कम भाव मिलने से हताश और परेशान है। पंजाब में भगवंत मान सरकार को भी हरियाणा की बागवानी भावांतर भरपाई जैसी योजना लाकर आलू उत्पादक किसानों को आर्थिक संकट से उबारना चाहिए। किसान पंजाब का हो हरियाणा का सभी किसान अन्नदाता है और अन्नदाता को उनकी फसलों के लाभकारी मूल्य देना राज्य सरकार का दायित्व है। हरियाणा में भाजपा की नायब सैनी सरकार 24 फसलों को एम एस पी पर खरीद रही है।