हरियाणा प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में इतालवी निवेश के लिए किया प्रोत्साहित

BANWARI LAL
सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने कार्यकर्ताओं व आमजन संग सुनी प्रधानमंत्री के ‘मन की बात

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चण्डीगढ, 6 जुलाई – खाद्य एवम अनाज संरक्षण के लिए प्रौद्योगिकी का अध्ययन करने  हरियाणा के सहकारिता मंत्री, डॉ बनवारी लाल के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल इटली गया है जो विशेष रूप से एसएमई में इतालवी कंपनियों के लिए पूंजी निवेश को राज्य में बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
प्रतिनिधिमण्डल ने संयुक्त राष्ट्र में खाद्य और कृषि संगठन के महानिदेशक श्री क्यू डोंगू से रोम शहर में मुलाकात की। महानिदेशक ने बताया कि वर्तमान तकनीकी युग में कम लागत पर बिना कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों के अधिक उपज लेना प्राकृतिक और जैविक खेती से ही सम्भव है। उन्होंने कहा कि भूमि सीमित है, छोटे और सीमांत किसानों को बीज, विपणन चैनल, मूल्य समर्थन सहित कई इनपुट की आवश्यकता होती है इसलिए उनकी आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि एफएओ तकनीकी सहायता प्रदान करता है और भारत की संघीय सरकार के माध्यम से अनुरोध प्राप्त होने पर राज्य के किसानों के हित में हर संभव मदद सुनिश्चित करेगा।
भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में, प्रतिनिधिमंडल ने इतालवी उद्यमियों से संवाद कर दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और विकास के लिए संभावनाएं तलाशने पर विचार विमर्श किया।

गेहूं और धान का प्रमुख उत्पादक हरियाणा-डा. बनवारी लाल
हरियाणा राज्य के सहकारिता मंत्री, डॉ बनवारी लाल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल खाद्य और अनाज के भंडारण के लिए आधुनिक तकनीकों का अध्ययन करने पर काम करेगा। हरियाणा गेहूं और धान का प्रमुख उत्पादक है इसलिए यहां समान बुनियादी ढांचे के साथ-साथ भंडारण के नुकसान को कम करने, और अनाज के शेल्फ जीवन को भी बढ़ाने के लिए मदद की जाएगी। यूरोपीय संघ के गुणवत्ता मानकों के अनुसार गुणवत्ता वाले अनाज उत्पादों की आपूर्ति के लिए अनुबंध खेती करने की भी योजना बनाई जा सकती हैं।
हरियाणा, कृषि सहकारी समितियों का सबसे बड़ा संघ है जिसने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार के साथ मिलकर 2.2 बिलियन अमरीकी डालर के कारोबार किया तथा किसानों को सेवाएं और सहायता प्रदान करने का काम किया है।
हैफेड खाद्यान्नों की खरीद और भंडारण के साथ-साथ चावल, सरसों के तेल आदि सहित गुणवत्ता वाले उपभोक्ता उत्पादों के कृषि-प्रसंस्करण और विपणन में भी काम करता है। इतिहास में पहली बार हैफेड 20,000 मीट्रिक टन बासमती चावल का निर्यात कर रहा है। सऊदी अरब के खरीदारों के साथ मिलकर भविष्य में चावल के निर्यात को कई गुना करने की योजना तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ये बैठकें यूरोपीय संघ और भारत के द्विपक्षीय संबंधों और राज्य के किसानों के आर्थिक हित में एक लंबा सफर तय करेंगी।

इस से पहले भारतीय राजदूत डा. नीना मल्होत्रा ने बताया कि हरियाणा राज्य दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए प्रतिनिधित्व कर रहा है। इससे वैश्विक स्तर पर खाद्य में वृद्धि होने की उम्मीद होगी। वर्तमान में हरियाणा भारत के सबसे विकसित राज्यों में से एक है तथा प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश के सबसे बड़े राज्यों में आता है और यह गेहूं और चावल के सबसे बड़े उत्पादकों में से भी प्रमुख है।
हरियाणा में बासमती चावल का अधिक उत्पादन होता है जिसका 60 प्रतिशत से अधिक निर्यात किया जाता है।   इस प्रतिनिधिमंडल में विधायक दीपक मंगला, हैफेड अध्यक्ष कैलाश भगत, हैफेड प्रबंध निदेशक ए. श्रीनिवास, उप सचिव, सहकारिता विभाग, शिवजीत भारती और हैफेड के महाप्रबंधक, डॉ अरुण कुमार आहूजा शामिल हैं।

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