सांसद संजय भाटिया ने संसद में उठाई मांग – करनाल लोकसभा के उद्योगों को या तो कोयले पर बॉयलर चलाने की अनुमति दें या क्षेत्र हो एनसीआर से बाहर

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सांसद बोले – महंगी पीएनजी की वजह से देश की दूसरी औद्योगिक ईकाईयों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे करनाल लोकसभा क्षेत्र के उद्योग

चंडीगढ़ , 12 दिसंबर – करनाल के सांसद श्री संजय भाटिया ने संसद में करनाल लोकसभा क्षेत्र से जुड़ा मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया है। उन्होंने कहा कि करनाल लोकसभा क्षेत्र बहुत बड़ा इंडस्ट्रियल टाउन है। यहां पर उद्योगों को बॉयलर चलाने के लिए कोयले का इस्तेमाल करना पड़ता है। इस वजह से उद्योगों को लगातार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से नोटिस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे उद्योगों को बहुत नुकसान होगा । ऐसे में करनाल लोकसभा क्षेत्र के उद्योगों को कोयले पर बॉयलर चलाने की अनुमति दी जाए या फिर इस क्षेत्र को एनसीआर के क्षेत्र से बाहर कर दिया जाए।

श्री संजय भाटिया ने कहा कि करनाल लोकसभा क्षेत्र एनसीआर में आता है। यहां पर पानीपत के साथ-साथ अन्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर औद्योगिक ईकाई स्थापित हैं। ये उद्योग अपने बॉयलर चलाने के लिए कोयले का इस्तेमाल करते हैं। इस क्षेत्र के एनसीआर में आने की वजह से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन ईकाईयों को नोटिस जारी कर रहा है और उन्हें पीएनजी इस्तेमाल के लिए जोर दे रहा है। श्री भाटिया ने कहा कि क्षेत्र में अभी तक कुछ जगह पूरी तरह पीएनजी नहीं है, वहीं यह महंगी भी पड़ती है। आपूर्तिकर्ताओं पर नियंत्रण नहीं है।

 

श्री भाटिया ने कहा कि यदि क्षेत्र के उद्योग पीएनजी इस्तेमाल करते हैं तो वह देश के अन्य क्षेत्रों में लगे उद्योगों के साथ प्रतियोगिता नहीं कर पाएंगे। यहां होने वाले उत्पाद के दाम बढ़ जाएंगे। इससे उद्योगों को भारी नुकसान होगा। इसके साथ-साथ यहां काम करने वाले लोगों पर भी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने अपील की है कि या तो इस क्षेत्र को एनसीआर से बाहर कर दिया जाए या फिर तब तक कोयले के इस्तेमाल की अनुमति दी जाए, जब तक कोई सस्ती सुविधा उपलब्ध न हो।

 

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