कटाई और खऱीद को सुचारू तरीके से यकीनी बनाने के लिए 8620 पुलिस कर्मी और 6483 वॉलंटियर गाँवों और मंडियों में रख रहे हैं तीखी नजऱ

कोविड -19 से किसानों, आड़तियों और अमले की हिफ़ाज़ात यकीनी बनाने के लिए दो दिशाई रणनीति अपनाई
चंडीगढ़, 16 अप्रैल:
कोविड -19 संकट के बीच सुचारू खरीद प्रक्रिया यकीनी बनाने के लिए पंजाब पुलिस के 8620 कर्मचारी और 6483 वालंटियर 24 घंटे मंडियों और गाँवों में तीखी नजऱ रख रहे हैं। इस मंतव्य की पूर्ति के दौरान यह कर्मचारी और वालंटियर जहाँ अपनी सुरक्षा के लिए सख्त दिशा -निर्देशों की पालना कर रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य और सफ़ाई सम्बन्धी सावधानियों को अमल में लाने के साथ-साथ सभी खरीद केन्द्रों पर सामाजिक दूरी सम्बन्धी मापदंड की पालना भी करवा रहे हैं।
यह खुलासा करते हुए डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पंजाब पुलिस द्वारा अपनाई गई दो दिशाई रणनीति के अंतर्गत मंडियों में ड्यूटी पर तैनात फ्रंट लाईन पुलिस मुलाजि़म अपनी सुरक्षा यकीनी बनाने के साथ-साथ इन केन्द्रों में आने वाले किसानों और अन्य की सुरक्षा के लिए ज़रुरी साजो-सामान के साथ लैस हैं।
सभी पुलिस मुलाजि़मों को मास्क, दस्ताने, हैंड सैनेटाईजऱ आदि मुहैया करवाए गए हैं और इनकी सही प्रयोग संबंधी अवगत करवाया गया है। जिन मुलाजि़मों को स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ हैं, ख़ासकर दिल और साँस सम्बन्धी दिक्कतें उनको अग्रणी पंक्ति (फ्रंट लाईनरज़) में तैनात नहीं किया गया। बाकायदा सैनेटाईज़ किये जा रहे खऱीद केन्द्रों में लोगों के बीच शारीरिक दूरी यकीनी बनाने वाले दिशा निर्देशों को प्रभावशाली ढंग से प्रसारन के लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली का प्रयोग किया जा रहा है।
अलग-अलग मंडियों में तैनात पुलिस मुलाजि़मों को सभी प्रवेश और बाहर निकलने वाले रास्तों पर चैकिंग यकीनी बनाने के लिए कहा गया है। इसके साथ-साथ उनको मंडियों /सब-यार्डों /खरीद केन्द्रों को जाने वाली सडक़ों पर भीड़ घटाने के अलावा कानून व्यवस्था यकीनी बनाने और लोगों पर यातायात का परवाह सुचारू रखने की हिदायत की गई है। उनको खरीद केन्द्रों में सामाजिक दूरी बनाए रखने और मंडियों में भीड़ को घटाने के लिए किसानों और आड़तियों को जारी किए गए पासों की जांच का जि़म्मा भी सौंपा गया है।
श्री गुप्ता ने बताया कि पुलिस मुलाजि़मों को यह भी हिदायत की है कि शाम 7 बजे के बाद रात को कम्बाईनें न चलाए जाने को यकीनी बनाया जाए और गाँव के प्रविष्टि प्वाइंट से सिफऱ् प्रमानिक कूपन वाला एक व्यक्ति एक ट्रॉली लेकर मंडी जाये।
कटाई /खरीद के समय वलंटियरों की भूमिका संबंधी जानकारी देते हुए डी.जी.पी. ने बताया कि उनको लोगों ख़ास तौर पर किसानों को सामाजिक दूरी के महत्व संबंधी अवगत करवाते हुए मंडियों में इस मापदंड की पालना का काम सौंपा गया है। इनें वालंटियरों ने किसानों, मज़दूरों और अन्य हिस्सेदारों से सामाजिक दूरी बरकरार रखने, मास्क /दस्ताने पहनने को यकीनी बनाने और सैनेटाईजऱ का प्रयोग जैसे नियमों की पालना करवाने में पुलिस की सहायता के लिए अपनी सेवाओं की पेशकश की है।
इनके अलावा वह मंडियों के बाहर और खरीद केन्द्रों को जाने वाली वाली सडक़ों पर ट्रैफिक़ प्रबंधन में भी पुलिस की मदद कर रहे हैं। वह फ़सल की कटाई करते हुए किसानों और मज़दूरों को भी सामाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क पहनने या कपड़े से अपने चेहरे ढक़ने के लिए भी जागरूक कर रहे हैं।
वालंटियर सामाजिक दूरी और कोरोना से बचने के तरीकों संबंधी मंडियों के प्रविष्टि प्वाइंट और मंडी के अहातों में मुनादी भी कर रहे हैं। इसके अलावा वह पास की पड़ताल करने और किसानों को रोगाणु मुक्त होने के तरीकों संबंधी भी बता रहे हैं। वह मंडियों में कम्बाईन और ट्रैक्टर ट्रालियों के प्रबंधन के लिए ट्रैफिक़ मार्शलों का काम भी करते हैं।
वलंटियरों को किसानों की आमद के समय मदद और चैकिंग, वितरण एजेंट, आड़तियों और पल्लेदारों के अलग-अलग पासों की जांच का जि़म्मा भी दिया गया है। इसके साथ-साथ वह भोजन, साफ़-सुथरा पानी मुहैया करवाने और स्वच्छता को यकीनी बनाने में भी प्रशासन की सहायता कर रहे हैं। वह अलग-अलग तरह के मज़दूरों और दूर-दराज के इलाकों में काम कर रहे प्रवासियों की सहायता के लिए ‘हेल्पिंग बड्डी’ के तौर पर काम कर रहे हैं।
यह वालंटियर अलग-अलग गाँवों (5600), जीओजी (1717), एनसीसी (135), पूर्व पुलिस मुलाजि़म (102), वन गार्ड (35), यूथ एंड स्पोर्टस क्लबों (142) से सम्बन्धित हैं। डीजीपी ने कहा कि मौजूदा योजना के अनुसार उनको सिफऱ् बड़ी मंडियों में तैनात किया जा रहा है। संगरूर जिले में सबसे अधिक 992 पुलिस कर्मचारी और 1919 वालंटीयर तैनात हैं। इसके अलावा पटियाला में 676 पुलिस कर्मी और 69 वालंटीयर, बठिंडा में 635 पुलिस मुलाजि़म और 358 वालंटीयर, मोगा में 517 पुलिस कर्मचारी और 110 वालंटीयर, जालंधर ग्रामीण में 496 पुलिस बल और 490 वालंटीयर, बरनाला में 449 पुलिस वाले और 458 वालंटीयर शामिल हैं। बाकी रहते वालंटियर जि़लों में ड्यूटी निभा रहे हैं।
—————-