चंडीगढ़, 3 सितंबर – हरियाणा प्रदेश में गन्ना उगाने वाले किसानों के सॉयल हेल्थ कार्ड बनाये जायेंगे और उन्हें गन्ने की बेहतर और उपजाऊ फसल के प्रति जागरूक किया जायेगा। यह बात आज शुगरफैड की समीक्षा बैठक में सार्वजानिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री सुभाष बराला ने कही।
बैठक में शुगरफैड के प्रबंध संचालक श्री जितेंद्र कुमार उपस्थित रहे। इसके साथ ही प्रदेश भर की सभी चीनी मीलों के मैनेजिंग डायरेक्टर, अधिकारी एवं तकनीकी स्टाफ भी बैठक में मौजूद रहे। इस अवसर पर अधिकारियों से संवाद करते हुए श्री बराला ने कहा कि प्रदेश में गन्ने और चीनी की पैदावार बढऩे के लिए नवाचार को अपनाना चाहिए। नए-नए तरीकों जैसे एरिअल इरीगेशन से फसल की बेहतरीन पैदावार करने पर बल दिया जाना चाहिए, इनमें ड्रोन इरीगेशन भी शामिल है।
उन्होंने मल्टी क्रॉपिंग सिस्टम को अपनाने की बात भी की। उन्होंने कहा कि किसान को यह पता होना बहुत आवश्यक है कि उसकी मिट्टी की ‘सेहत’ कैसी है, मिजाज़ क्या है, कौन सी मिट्टी में गन्ने की कौन सी किस्म की उपज बेहतर होगी। गन्ने की फसल में होने वाली बीमारियों के बारे में भी किसान को बताया जाना चाहिए। इसके लिए किसान के खेत की मिट्टी की जाँच की जाएगी और उसे मिट्टी में गन्ने की पैदावार के प्रति जागरूक किया जायेगा। बैठक में सभी चीनी मीलों की विस्तार परियोजनाओं पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी।
इस अवसर पर शुगरमीलों से आये अधिकारियों ने किसान गोष्ठियां आयोजित करने पर भी चर्चा की। श्री बराला ने कहा कि किसान गोष्ठियों के ज़रिये किसानों में गन्ने की बेहतर पैदावार के बारे में जागरूकता लायी जा सकती है। इस अवसर पर शुगरफैड के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रेस-मड से बायो फ्यूल बनाने के प्रस्ताव के साथ कई बड़ी कंपनियों ने सरकार से संपर्क किया है और इस पर विचार किया जा रहा है। प्रेस – मड गन्ने की पिसाई से बनने वाला जैव उत्पाद है।
बैठक में शुगरमीलों में सातवें वेतन आयोग को लागू करने के विषय पर भी चर्चा हुई। श्री बराला ने जल भराव क्षत्रों में फसल की पैदावार पर भी बात की। बैठक में पानीपत, करनाल, सोनीपत, शाहबाद, जींद, मेहम, कैथल, गोहाना समेत सभी चीनी मीलों से अधिकारी उपस्थित थे।

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