शिरोमणी अकाली दल गेंहू  किसानों को 500 रूपये प्रति क्विंटल मुआवजा देने की मांग को लेकर 9 मई को डी.सी को मेमोरेंडम सौंपेगा

Prem Singh Chandumajra
SAD to submit memorandums of DCs on May 9 demanding compensation of Rs 500 per quintal for wheat farmers

राज्य में जोन बनाकर धान की रोपाई में देरी  करने के सरकार के फैसले की तत्काल समीक्षा करने की मांग की

कहा कि पनबस में 1337 पदों की आउटसोर्सिंग को मंजूरी देने वाले वित्तमंत्री के फैसले जिसमें युवाओं को स्थायी रोजगार देने का वादा किया गया था  पर उनके साथ विश्वासघात  किया गया

 चंडीगढ़ 07 मई 2022

शिरोमणी अकाली दल ने आज घोषणा की है कि वह 9मई को राज्य भर में डी.सीज् को ज्ञापन सौंपकर किसानों को गेंहू की कम पैदावार के लिए 500 रूपये प्रति क्विंटल मुआवजा देने की मांग करेगा तथा कहा कि  उसने राज्य को तीन जोनों  में विभाजित करके 24 जून तक धान की रोपाई में देरी करने के आम आदमी पार्टी सरकार के फैसले की तत्काल समीक्षा की मांग की।

और पढ़ें :-मुख्यमंत्री द्वारा मूँगी की फ़सल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का ऐलान

अकाली दल ने आम आदमी पार्टी सरकार से पंजाब के किसानों को कर्जा मुक्त करने के लिए किसानों, राज्य सरकारऔर कर्जा देने वाली कर्जा मुक्त बनाने के लिए ट्रिपल शेयरिंग फॉर्मूूला अपनाने की मांग की तथा कहा कि इसके लिए लोक अदालतें बनाई जानी चाहिए।

यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने राज्य के वित्तमंत्री के 2 मई के आदेश को जारी करके राज्य में पनबस में 1337 पदों को आउटसोर्सिंग को  मंजूरी देकर स्थायी रोजगार प्रदान करने के मुददे पर झूठ बोलने के लिए आम आदमी पार्टी को बेनकाब किया।नेताओं ने कहा कि आप पार्टी की सरकार ने सत्ता की बागडोर संभालने के दो महीने के भीतर ही राज्य के युवाओं के साथ विश्वासघात किया है।

इस बारे में जानकारी देते हुए प्रो. चंदूमाजरा ने कहा कि धान की रोपाई के उददेश्य से पंजाब को तीनो जोनों में विभाजित करने और तीसरे जोन में 24 जून के बाद ही रोपाई की अनुमति देने के सरकार का निर्णय राज्य के लिए आपदा का कारण बनेगा।उन्होने कहा कि आप पार्टी की सरकार द्वारा बिजली आपूर्ति के कुप्रबंधन के लिए किसानों को दंडित नही किया जाना चाहिए। उन्होने सरकार से इस फैसले को तुंरत वापिस लेने की मांग करते हुए कहा, ‘‘ अगर धान की रोपाई में अत्यधिक देरी होती है, तो इससे न केवल फसलों मे नमी बढ़ेगी और बहुत ज्यादा नुकसान होगा, बल्कि किसानों को  अगले गेंहू की बुवाई में भी बहुत ज्यादा देरी हो जाएगी ’’। उन्होने सरकार से इस निर्णय को तुरंत वापिस लेने की मांग की।

प्रो.  चंदूमाजरा ने यह भी बताया कि कैसे  गिरदावरी पूरी  होने के बावजूद किसानों को बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेंहू की फसल के नुकसान के लिए मुआवजे के लिए वंचित किया जा रहा हैै, हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की थी कि बिना किसी गिरदावरी के मुआवजा जारी किया जाएगा।उन्होने यह भी मांग की कि राज्य को केंद्र द्वारा प्राकृतिक आपदा के मामले को मंजूरी देकर गेंहू की पैदावार के नुकसान के लिए किसानों को 500 रूपये प्रति क्विंटल की दर से मुआवजा देने का मुददा उठाने की मांग उठानी चाहिए। उन्होने कहा कि राज्य को पेट्रोल और डीजल पर राज्य वैट के माध्यम से एकत्रित अतिरिक्त राशि से किसानों को 250 रूपये प्रति क्विंटल मुआवजा भी जारी करना चाहिए।

इस बीच अकाली दल ने राज्य से किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों को तुरंत मुआवजा देने को कहा और कहा कि यह निंदनीय है कि मंत्री का कोई भी सरकारी पदाधिकारी परिवारों को सात्ंवना देने के लिए भी नही गया ।यह भी बताया कि नाबार्ड द्वारा राज्य के सहकारी बैंको को धन जारी करने पर रोक लगाने से किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा उन्होने राज्य से इस मुददे को केंद्र के समक्ष उठाने का आग्रह किया ।

डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाबियों की समस्याओं का समाधान न करने की स्थिति में अकाली दल ‘ संघर्ष’ करने पर मजबूर हो जाएगा।डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति के खिलाफ पंजाब द्वारा अंसवैधानिक और  अवैध दस्तावेज , जिसने दिल्ली को राज्य का प्रशासनिक नियंत्रण दिया, साम्प्रदायिक तनाव, खतरनाक बिजली की स्थिति और पेट्रोलियम और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए अग्रणी मुददों से ध्यान हटाने के लिए अपनाई नीति के खिलाफ  अपना विरोध दर्ज कराएगा। उन्होने यह भी मांग की कि सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामले दर्ज करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय  तुंरत खनन पॉलिसी लाए। उन्होने कहा कि रेत की कीमतों में की चार बार बढ़ोतरी ने पूरे निर्माण उद्योग को पटरी से उतार दिया है, जिससे लोगों के साथ साथ निर्माण मजदूरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैै।