अपंगता को मानसिकता पर हावी न होने दिया जाये : कैबिनेट मंत्री डा. बलजीत कौर
चंडीगढ़/ अमृतसर, 23 सितम्बरः-
सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास संबंधी मंत्री, डा. बलजीत कौर ने कहा है कि अपंगता को मानसिकता पर हावी नहीं होने दिया जाना चाहिए। इसके प्रति नकारात्मक सोच जोकि हमारी मानसिकता के अवचेतन में पड़ी, उसे दूर करने की जरूरत है और एक ऐसा सामाजिक माहौल बना कर देना समय की मांग है जिसमें अपंग महिलाएं, बच्चों और व्यक्तियों को आगे बढ़ने के मौके दिए जा सकें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई सबसे बढ़ा हथियार है जो अपंग लोगों के जीवन के विकास को आगे लेकर जा सकता है। इस प्रति हमारे समाज में जागरूकता की बहुत कमी है। उन्होंने कहा कि हमारा फर्ज बनता है कि ऐसे लोगों को मानसिक तौर पर कमजोर नहीं होने देना चाहिए और उनको उत्साहित करके पढ़ाई का रास्ता दिखाने की जरूरत है।
वह आज गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के समाजिक विज्ञान विभाग की तरफ से करवाए गए एक दिवसीय सेमिनार के समय मुख्य मेहमान के तौर पर यहां पहुंचे थे। उनका यहां आने पर वायस चांसलर प्रो. जसपाल सिंह संधु ने स्नेहपूर्ण स्वागत किया। सेमिनार के कनवीनर डा. रचना शर्मा ने अपंग महिलाओं के बराबरी के अधिकार सम्बन्धी विषय पर सेमिनार करवाने के मकसद से अवगत करवाया।
डा. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से इस सम्बन्धी विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं जिससे वह अपने जीवन को आसान कर सकते हैं। उन्होंने कहा की अपंगता को अपने जीवन के विकास में रुकावट नहीं समझना चाहिए बल्कि इसको चुनौती के तौर पर लेकर अपने निर्धारित लक्ष्य पर पहुंचना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने किसी न किसी कारण अपंग रही सफल महिलाओं के जीवन की उदाहरण देते हुये कहा कि उन्होंने अपना ही नहीं बल्कि अपने परिवार, समाज और देश के विकास में भी अहम रोल अदा किया है।
डा. बलजीत कौर ने यूनिवर्सिटी के अलग-अलग विभागों का दौरा किया और यूनिवर्सिटी के अकादमिक बुनियादी ढाँचे के बारे जानकारी प्राप्त की। सेमिनार में जवाहर लाल ने नेहरू यूनिवर्सिटी के सेंटर फार स्टडी आफ सोशल सिस्टम से प्रो. नीलिका महरोत्रा, प्रो. सुजाता भान, श्रीमती शम्पा सेनगुपता, श्री अमरजीत सिंह आनंद, डा. सतनाम सिंह, प्रो. भूप सिंह गौड़, डा. सुनील कुमार और प्रसिद्ध विद्वान उपस्थित हुए।

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