— हाईकोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से ही मामले की सच्चाई सामने आ सकती है: सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया
चंडीगढ़/15 दिसंबर:
शिरोमणी अकाली दल ने आज भगवंत मान की अगुवाई वाली आप सरकार पर पंजाब की जेलों से गैंगस्टर लाॅरेंस बिश्नोई के साक्षात्कार के मुददे पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया तथा पार्टी ने उच्च न्यायालय से मामले की स्वतंत्र जांच का आदेश देने का आग्रह किया है।
आज यहां जारी एक बयान करते हुए पूर्व मंत्री और वरिष्ठ अकाली नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप सरकार ने उच्च न्यायालय में कहा कि पंजाब की जेलों से साक्षात्कार लिए जाने की संभावना नही है। उन्होने कहा कि मामले की सच्चाई यह है कि जब गैंगस्टर बिश्नोई का पहला इंटरव्यू एक टीवी चैनल पर प्रसारित किया गया उस समय पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि बिश्नोई को पुलिस हिरासत में लिया गया था तो उसका लुक अलगा था और पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों की नवीनतम तस्वीरें जारी की थी। उन्होने कहा कि अगले ही दिन उसी चैनल द्वारा नवीनतम साक्षात्कार उसी चैनल द्वारा दोबारा प्रसारित किया गया, जिसमें वह पंजाब पुलिस द्वारा बताई गई वही कपड़े पहने हुए था। उन्होेने कहा कि इस तथ्य से स्पष्ट होता है कि जब साक्षात्कार किया गया तब वह पंजाब पुलिस की हिरासत में हो सकता है और बठिंडा जेल में बंद हो सकता है । उन्होने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि उस समय गैंगस्टर की कार्रवाई का मकसद भी पंजाब पुलिस द्वारा बताए गए पहनावे और लुक में साक्षात्कार देकर सरकार को शर्मींदा करना था।
सरदार मजीठिया ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि मुख्यमंत्री जो राजनीति में आने से पहले काॅमेडियन रहे हैं , ने राजय की पूरी कानून-व्यवस्था को काॅमेडी सर्कस में बदल दिया है, जिसमें उद्योगपत्तियों, व्यापारियों और आम लोगां को जबरन वसूली के फोन आ रहे हैं, कत्ल हो रहे हैं और बड़े पैमाने पर ड्रग्ज का खतरा पंजाब के नौजवानों को बर्बाद कर रहा है। उन्होने एक प्रापर्टी डेवलपर का उदाहरण देते हुए बताया जिसे जबरन वसूली के फोन आए और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उसे बुलेट प्रुफ कार और सुरक्षा मुहैया करवाई, लेकिन फिर भी उन्हे अपने आप को बचाने के लिए गैंगस्टर को 10 करोड़ रूपये देने पड़े। उन्होने यह भी कहा कि जब मुख्यमंत्री के करीबी व्यक्ति को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है तो एक आम आदमी के साथ क्या हो सकता है यह आसानी से समझा जा सकता है।
वरिष्ठ अकाली नेता ने पंजाब एवं उच्च न्यायालय से साक्षात्कार मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए इस पूरे मामले की अपनी निगरानी में स्वतंत्र जांच का आदेश देने का आग्रह किया, क्योंकि जो अधिकारी सीधे मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और जेल मंत्री को रिपोर्ट कर रहे हैं उनसे अपने ही मुख्यमंत्री को दोषी ठहराते हुए अदालत के समक्ष सच पेश करने की उम्मीद नही की जा सकती है।
सरदार मजीठिया ने कहा कि पंजाब को बचाने और पूर्ण कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए ऐसी जांच समय की मांग है।

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