पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने और  नामांकन पत्रों की जांच के लिए अंतिम दिन वीडियोग्राफी करने की मांग की: शिरोमणी अकाली दल

_Daljit Singh Cheema
ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੇ ਪੰਚਾਇਤ ਚੋਣਾਂ ਦੌਰਾਨ ਨਾਮਜ਼ਦਗੀ ਦੇ ਆਖ਼ਰੀ ਦਿਨ ਅਤੇ ਨਾਮਜ਼ਦਗੀਆਂ ਦੀ ਪੜਤਾਲ ਦੀ ਵੀਡੀਓਗ੍ਰਾਫੀ ਮੰਗੀ
राज्य चुनाव आयोग से निर्वाचन अधिकारियों को चुल्हा टैक्स और अन्य बकाया राशि को अपने कार्यालय में जमा करवाने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया

 चंडीगढ़/03अक्टूबर 2024

शिरोमणी अकाली दल ने आज पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने और नामांकन पत्रों की जांच के अंतिम दिन वीडियोग्राफी और विपक्षी उम्मीदवारों को परेशान करने पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होने राज्य चुनाव आयोग से निर्वाचिन अधिकारों को  नामांकन दाखिल करते समय यदि कोई चूल्हा टैक्स और अन्य बकाया को अपने कार्यालयों में जमा करवाने का निर्देश देन का आग्रह किया है।

शिरोमणी अकाली दल के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता डाॅ. दलजीत सिंह चीमा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चैधरी को यह बात बताई।प्रतिनिधिमंडल में मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर और यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर भी शामिल थे।

चुनाव आयुक्त से मुलाकात करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि बीडीपीओ समेत चुनाव अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठने के बजाय सत्ताधारी पार्टी के मंत्रियों, विधायकों और अन्य पदाधिकारियों के कार्यालयों और आवासों में बैठें हैं। उन्होने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता विपक्षी नेताओं को एनओसी और चूल्हा कर की रसीदें देने से इंकार करने के लिए अधिकारियों का दुरूपयोग कर रहे हैं।

डाॅ. चीमा ने कहा कि मजीठिया में आई.ए.एस अधिकारी सोनम को एसडीएम पद से हटाकर उनकी जगह एक जूनियर अधिकारी अमनप्रीत सिंह को कार्यभार सौंप दिया गया है, जो आप नेताओं से आदेश ले रहा है।उन्होने कहा कि इसी तरह धर्मकोट के कोटइसेखान में विधायक दविंदरजीत सिंह लडडी ढ़ोस ने पुलिस को मजबूर कर बीडीपीओ कार्यालय से सभी विपक्षी उम्मीदवारों को बाहर निकाल दिया।

प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि नामांकन के अंतिम दिन निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालय में वीडियोग्राफी कराई जाए ताकि किसी विपक्षी उम्मीदवार को परेशान न किया जा सके।प्रतिनिधिमंडल ने प्रत्येक जिले और राज्य स्तर पर विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाने और जहां भी कोई समस्या सामने आती है तो वहां जिला अधिकारियों को तत्काल भेजे जाने का आग्रह किया है।

डाॅ. चीमा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि 5 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान वीडियोग्राफी की जाए और यदि निर्वाचन अधिकारी किसी नामांकन पत्र को खारिज करना चाहते हैं तो उन्हे चुनाव आयोग से पूर्व अनुमति लेनी चाहिए।उन्होने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को अवगत कराया कि उन्होने सही निर्देश दिए हैं लेकिन बुनियादी स्तर पर उन्हे लागू नही किया जा रहा है।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होने इस बात पर हैरानी जताई कि सरकार में शामिल वित्त मंत्री हरपाल चीमा भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने को लेकर आश्वस्त नही हैं।पंजाब के बारे में पार्टी के नजरिए में बदलाव के बारे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को दिए गए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के सुझाव के बारे में पूछे गए सवाल पर अकाली नेता ने कहा कि वह इस बारे में कुछ नही कह सकते, क्योंकि खबरों में सूत्रों के हवाले से खबर है लेकिन अगर जाखड़ ने ऐसा सुझाव दिया है तो यह बहुत अच्छा है।

सांसद कंगना रनौत के हालिया बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होने भाजपा आलाकमान से सवाल किया कि जब भाजपा खुद को बेहद अनुशासित पार्टी होने का दावा करती है तो वह कंगना के खिलाफ कार्रवाई करने में असहाय क्यों है।उन्होने कहा कि किसी भी सांसद के लिए पार्टी की सहमति के बिना किसी सांसद द्वारा इस तरह के बयान देना संभव नही है।