सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने की मुख्यमंत्री घोषणाओं और बजट घोषणाओं की समीक्षा

सहकारिता मंत्री ने पानीपत में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश

अनाज भंडारण क्षेत्र में उतरेंगी सहकारी समितियां, सीएम पैक्सों से होगी शुरुआत

चीनी मिलों के घाटे को कम करने के मकसद से बनेगी समन्वय समिति

चंडीगढ़, 07 जनवरी 2026

केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की नई सहकारिता नीति को क्रियान्वित करने की दिशा में हरियाणा गंभीरता से काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकार से समृद्धि के संकल्प और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के संग चलें, संग बढ़ें के मूल मंत्र के साथ हरियाणा की सहकारी समितियां अब अनाज भंडारण क्षेत्र में उतरेंगी।

सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने इस दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए सीएम पैक्सों से शुरुआत करने तथा इच्छुक सहकारी समितियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं, प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों को घाटे से उभारने के लिए भी शीघ्र ही समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। सहकारिता मंत्री हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित कमेटी कक्ष में सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार एवं सभी सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में अनाज भंडारण के लिए गोदाम निर्माण के उद्देश्य से हैफेड को नोडल एजेंसी बनाते हुए 10 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण के लिए अधिकृत किया गया है। इस दिशा में हैफेड द्वारा अब तक 3.35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण के लिए मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 1.38 लाख मीट्रिक टन के लिए प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति को भेज दिए गए हैं।

सहकारी समितियां आत्मनिर्भर भारत – विकसित भारत संकल्प में अपना अहम योगदान दे सकें, इसके लिए सीएम पैक्सों को भी अनाज भंडारण क्षेत्र में अवसर दिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अब तक पंजीकृत सभी सीएम पैक्सों को इस संभावना के बारे में अवगत कराते हुए अवसर प्रदान किए जाएं, ताकि उन्हें व्यवहारिक तौर पर लाभ मिल सके।

सहकारिता मंत्री ने सहकारी चीनी मिलों को घाटे से उभारने के लिए सहकारी चीनी मिल संघ को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही एक समन्वय समिति गठित की जाए, जो सभी चीनी मिलों का निरीक्षण करते हुए मिलों को घाटे से उबारने संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों के सामने आ रही श्रमिक समस्या के समाधान के लिए भी जल्द ही कृषि विभाग के साथ समन्वय करते हुए हार्वेस्टिंग मशीनों को सब्सिडी पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही पानीपत में 200 करोड़ रुपये की लागत से एथेनॉल प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए तथा अन्य सहकारी चीनी मिलों में एथेनॉल प्लांट लगाने की संभावना पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने विभाग से जुड़ी मुख्यमंत्री घोषणाओं और बजट के दौरान की गई घोषणाओं की भी समीक्षा की।

इस अवसर पर सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, हैफेड एमडी मुकुल कुमार, डेयरी फेडरेशन एमडी रोहित यादव, हरको बैंक एमडी डॉ. प्रफुल्ला रंजन, हरकोफेड एमडी नरेश गोयल, लेबर फेड एमडी वीरेंद्र दहिया तथा हाउसफेड एमडी योगेश शर्मा उपस्थित रहे।