सरदार सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई पार्टी की मीटिंग में संगठनात्मक ढ़ांचे को 10 फरवरी तक पूरा करने का फैसला किया गया
चंडीगढ़/24 जनवरी 2026
शिरोमणी अकाली दल ने आज घोषणा की है कि वह अगले महीने से राज्य के सभी विधानसभा हलकों में रैलियों की एक श्रंृखला आयोजित करेगा ताकि पंजाबियों को राज्य के विकास में पार्टी द्वारा निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका के साथ-साथ 2027 में सरकार बनने के बाद राज्य के लिए उसके दृष्टिकोण के बारे में बताया जा सके।
पार्टी के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में पार्टी के हलका इंचार्जों की मीटिंग में यह फैसला लिया गया।
इस मीटिंग के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि मीटिंग में सरदार सुखबीर सिंह बादल ने इस बात पर जोर दिया कि लगातार अकाली दल सरकार ने राज्य में अभूतपूर्व विकास कार्य किए हैं, चाहे वह राज्य को बिजली का सरप्लस बनाना हो यहां सभी प्रमुख शहरों को चार लेन सड़कों से जोड़ना, नए थर्मल पावर प्लांट और हवाई अडडों की स्थापना करना यां ग्रामीण बुनियादी ढ़ांचे की कायाकल्प करना हो। डाॅ. चीमा ने कहा कि यह एक तथ्य है कि पिछली कांग्रेस सरकार और मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार दोनों ही एक भी नया बुनियादी ढ़ांचा बनाने में नाकाम रही हैं, जिसके कारण राज्य को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होने आगे कहा,‘‘ हम पंजाब को आगे ले जाने के लिए विकास और बुनियादी ढ़ांचे के निर्माण के एक नए युग की शुरूआत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
इस बात पर जोर देते हुए कि अकाली दल पंजाबियों से अपनी क्षेत्रीय पार्टी का समर्थन करने की अपील करेगा और साथ ही आम आदमी पार्टी सरकार की पंजाब विरोधी नीतियों और फैसलों के खिलाफ जनआंदोलन भी शुरू करेगा, डाॅ. चीमा ने कहा,‘‘ हम पंजाबियों को यह आश्वासन देते हैं कि हम राज्य को मौजूदा अराजकता से बाहर निकालेंगें और शांति और साम्प्रदायिक सदभाव सुनिश्चित करेंगें और हमारे नौजवानों के लिए रोजगार के लिए अवसर पैदा करने के लिए पंजाब में निवेश वापिस लाएंगें।’’
मीटिंग में 10 फरवरी तक पूरे संगठनात्मक ढ़ांचे को पूरा करने का निर्णय लिया गया है। यह भी तय किया गया कि बूथ स्तर कमेटियों का गठन और यूथ अकाली दल, स्त्री अकाली दल, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और व्यापार विंग का गठन तब तक पूरा कर लिया जाएगा। हाल ही में हुए ब्लाॅक कमेटी और जिला परिषद चुनावों में अहम भूमिका निभाने वाले सभी नेताओं को संगठनात्मक ढ़ांचे में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाने का भी फैसला लिया गया है।
डाॅ. चीमा ने कहा कि मीटिंग में पंचायतों पर टयूबवैल निगम के बकाया बिलों का भुगतान करने के लिए दबाव डालने के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई गई। उन्होने कहा कि पंचायतों को केंद्र से उनके गांवों के विकास के लिए प्राप्त फंड से बिलों का भुगतान करने का आदेश दिया जा रहा है। उन्होने कहा,‘‘ हम उन सभी पंचायतों का समर्थन करते हैं जो इन गैरकानूनी आदेशों को विरोध कर रही हैं, क्योंकि सड़कों, स्वच्छता, पेयजल और स्ट्रीट लाइट के लिए निर्धारित केंद्रीय फंडों का उपयोग जल आपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए नही किया जा सकता।’’
मीटिंग में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा शुरू की गई सेहत बीमा योजना के नाम पर पंजाबियों के साथ हो रहे धोखे पर भी संज्ञान लिया गया। उन्होने कहा कि सरकार बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर प्रचार के हथकंडे अपना रही है, जबकि उसके पास इन चिकित्सा बीमा योजना को लागू करने के लिए कोई पैसा नही है। डाॅ. चीमा ने कहा कि इस योजना का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल करने के लिए डेटा एकत्र करने की एक चाल के रूप में किया जा रहा है।
मीटिंग में पटना साहिब गुरुद्वारे बोर्ड के आगामी चुनावों के लिए 8 फीसदी गैर-सिख मतदाताओं के पंजीकरण के तरीके की भी निंदा की गई। दिल्ली की आप नेता आतिशी द्वारा गुरु साहिबान के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमरजीत सिंह चावला, अर्शदीप सिंह कलेर और बिक्रम सिंह अल्लाबख्श भी मौजूद थे।

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