चंडीगढ़, 19 मार्च 2026
हरियाणा के शहरी परिवहन नेटवर्क ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2025-26 में मेट्रो यात्रियों की संख्या में 13.55 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो सार्वजनिक परिवहन की तरफ यात्रियों के बढ़ते विश्वास और स्पष्ट रुझान को दर्शाती है।
यह उपलब्धि आज यहां मुख्य सचिव एवं एचएमआरटीसी के अध्यक्ष श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) बोर्ड की 64वीं बैठक के दौरान सामने आई।
अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच मेट्रो नेटवर्क का उपयोग करने वाले यात्रियों की संख्या 1.74 करोड़ से अधिक रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 1.53 करोड़ था। जुलाई माह में सर्वाधिक 22.93 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि अन्य सभी महीनों में भी सकारात्मक वृद्धि रही। यह परिचालन की विश्वसनीयता, सेवाओं में सुधार और यात्रियों की बढ़ती प्राथमिकता को दर्शाता है।
वित्तीय दृष्टि से भी एचएमआरटीसी का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। जनवरी 2026 तक किराया राजस्व में 12.64 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं, गैर-किराया राजस्व में 108 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि स्टेशन परिसरों के बेहतर उपयोग, विज्ञापन और व्यावसायिक गतिविधियों से प्राप्त आय के कारण संभव हुई है। स्टेशनों के नामकरण अधिकारों की नीलामी तथा अतिरिक्त विज्ञापन स्थलों के विकास जैसी पहलों से एचएमआरटीसी की वित्तीय स्थिति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यात्रियों की संख्या और राजस्व में लगातार वृद्धि हरियाणा की समेकित परिवहन रणनीति की सफलता को दर्शाती है। उन्होंने परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय तथा यात्रियों को केंद्र में रखकर सेवाएं प्रदान करने पर निरंतर ध्यान देने के निर्देश दिए।
एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक श्री चंद्र शेखर खरे ने बताया कि परिचालन उपलब्धियों के साथ-साथ राज्य में मेट्रो एवं क्षेत्रीय परिवहन परियोजनाओं पर भी निरंतर प्रगति हो रही है।
गुरुग्राम के सेक्टर-56 से पंचगांव तक मेट्रो कनेक्टिविटी पर तत्परता से विचार किया जा रहा है। इस संबंध में एचएसआईआईडीसी द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) एवं लेआउट प्लान का अध्ययन किया जा रहा है तथा सिही गांव के निकट सेक्टर-36ए में डिपो के लिए स्थान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार परियोजना की टेक्नो-फिजिबिलिटी का आकलन राइट्स द्वारा किया जा रहा है। बहादुरगढ़-आसौधा कनेक्टिविटी के लिए भी एक नया अध्ययन किया जा रहा है, क्योंकि एचआरआईडीसी द्वारा आसौधा में नया इंटरचेंज स्टेशन विकसित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि यात्रियों की संख्या में वृद्धि हो सके।
गुरुग्राम-फरीदाबाद नमो भारत कॉरिडोर ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार द्वारा इसकी अलाइनमेंट और स्टेशनों के स्थानों को अंतिम रूप देकर अनुमोदित किया जा चुका है तथा एनसीआरटीसी द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है।
दिल्ली-कुंडली मेट्रो विस्तार परियोजना को स्वीकृति के लिए हरियाणा मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में प्रस्तुत किया जाना प्रस्तावित है।
दिल्ली-पानीपत-करनाल आरआरटीएस कॉरिडोर (136.3 किलोमीटर) पर भी प्रगति हुई है। इसकी संशोधित डीपीआर को वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है, जिसके बाद इसे हरियाणा मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-बावल आरआरटीएस कॉरिडोर को पीआईबी स्तर पर स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और यह केन्द्र सरकार के विचाराधीन है।
गुरुग्राम शहर के भीतर भी प्रमुख आंतरिक मेट्रो कॉरिडोरों के लिए डीपीआर तैयार करने को मंजूरी दी गई है। इनमें 17.09 किलोमीटर लंबा भोंडसी-सुभाष चैक-राजीव चैक-सोहना चैक-रेलवे स्टेशन कॉरिडोर शामिल है, जिससे सोहना रोड क्षेत्र में कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी।

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