गुरुग्राम में राज्य स्तरीय विश्व पर्यावरण दिवस समारोह आयोजित

केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने किया बायोरिमेडिएशन पायलट परियोजना का उद्घाटन, एमआरएफ परियोजना का शिलान्यास

चंडीगढ़, 5 जून 2026

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को गुरुग्राम में राज्य स्तरीय समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि हरियाणा के वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह के दौरान पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत विकास से जुड़ी विभिन्न पहलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर धनकोट स्थित लेग-3 पर बायोरिमेडिएशन पायलट परियोजना का उद्घाटन किया गया तथा सेक्टर-102 स्थित लायन पब्लिक स्कूल परिसर में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) परियोजना, नगर निगम गुरुग्राम द्वारा गुरुग्राम शहर के 170 पार्कों तक शोधित अपशिष्ट जल पाइप लाइन बिछाने के कार्य का शिलान्यास भी किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हितधारकों ने भागीदारी करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम से केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल तथा हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से संपन्न होने के बावजूद गुरुग्राम को स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्र में अभी और बेहतर करने की आवश्यकता है। यदि शहर वायु प्रदूषण और स्वच्छता की चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर लेता है तो यह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों में शामिल हो सकता है।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदूषण के सभी स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लिए गए निर्णय के अनुसार एनसीआर क्षेत्र में बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 मानकों वाले पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा तथा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के स्क्रैपिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक स्थलों, पुलिस परिसरों और अन्य स्थानों पर लंबे समय से खड़े अनुपयोगी एवं कबाड़ वाहनों के वैज्ञानिक निस्तारण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और पुराने वाहनों से होने वाला प्रदूषण वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं, जिन पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।

केंद्रीय मंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने घर-घर कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक के कम उपयोग, स्वच्छता के प्रति जागरूकता और संसाधनों के पुनर्चक्रण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, सौर ऊर्जा और हरित तकनीकों को बढ़ावा देकर ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से प्राप्त नहीं होगा, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदारी आवश्यक है।

पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम देश के सबसे विकसित शहरों में शामिल होने के बावजूद प्रदूषण की चुनौती का सामना कर रहा है और इससे निपटने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम दो पौधे लगाने चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, सीपी शिवास कविराज, गुरुग्राम निगम आयुक्त प्रदीप दहिया,  प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स डॉ. नवदीप सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।