
जयपुर, 31 जुलाई।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने विष्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आगामी 9 अगस्त को सम्पूर्ण राजस्थान में सार्वजनिक अवकाष घोषित करने का निर्णय लिया है। श्री गहलोत ने आदिवासी समाज के जनप्रतिनिधियों की काफी लम्बे समय से चली आ रही मांग पर सार्वजनिक अवकाष घोषित करने का महत्वपूर्ण निर्णय किया है।
उल्लेखनीय है कि 9 अगस्त को विष्व आदिवासी दिवस पर राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी लोग धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हंै। आदिवासी समाज के लोग इस दिन को आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के उत्सव के रूप में मनाते हुए अपने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं तथा सामाजिक उत्सव के रूप में सामूहिक रूप से खुषियों का इजहार करते हैं।
वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से आदिवासी दिवस के अवसर पर ऐच्छिक अवकाष घोषित है। मुख्यमंत्री को राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ के प्रदेषाध्यक्ष विधायक श्री रामकेष मीना, अन्य विधायकों श्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय, श्री दयाराम परमार, श्री रामनारायण मीणा, श्री लाखन सिंह, श्रीमती रमीला खडिया, श्री गोपाललाल मीणा, श्रीमती निर्मला सहरिया, श्री लक्ष्मण मीणा, श्री राजकुमार रोत, श्री रामप्रसाद, श्री गणेश घोघरा, श्री कांति प्रसाद, श्री रामलाल मीना, श्रीमती इन्द्रा मीना, श्री जौहरीलाल मीणा सहित आदिवासी समाज के अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस दिन सम्पूर्ण राजस्थान में ऐच्छिक अवकाष के स्थान पर सार्वजनिक अवकाष घोषित करने की मांग की थी।
श्री गहलोत ने आदिवासी समाज के जन-प्रतिनिधियों की इस मांग को स्वीकार करते हुए विष्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में सार्वजनिक अवकाष घोषित किया है।
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