जहरीली शराब दुखद घटना में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई
चंडीगढ़, 3 अगस्तः
जहरीली शराब पीने के कारण राज्य में हुई 100 से अधिक मौतों के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा इस्तीफा देने के लिए कहना, ऐसा लगता है जैसे सुखबीर को खास बातें भूलने की बीमारी हो। इस समय सुखबीर बादल को मगरमच्छ के आंसू बहाने की जगह अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत है। यह खुलासा आज यहाँ से जारी एक प्रैस बयान के द्वारा कैबिनेट मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने किया।
‘‘क्या आपने सिखों के शाश्वत गुरू श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी होने के उपरांत इस्तीफा दिया था? आपने निर्दोष प्रदर्शनकारियों जो कि शांतमयी ढंग से बेअदबी में शामिल दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की माँग कर रहे थे, पर गोली चलाने के आदेश देते हुए एक बार भी नहीं सोचा। उन्होंने सुखबीर से पूछा कि क्या आपको शर्मिंदगी महसूस नहीं हुई थी जब आपने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के बाने के साथ मिलती जुलती पोशाक पहनकर स्वांग रचने के घृणित अपराध के लिए माफ कर दिया था।
उन्होंने अकाली दल के अध्यक्ष पर बरसते हुए कहा कि सुखबीर बादल के जुर्मों की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। पूर्व उपमुख्य मंत्री द्वारा अपने रिश्तेदार बिक्रम सिंह मजीठिया को ड्रग माफिया के सरगना के साथ सम्बन्ध होने का पता होने के बावजूद भी कैबिनेट से बाहर नहीं निकाला गया जबकि अकाली मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर पर कार्यवाही की गई। उन्होंने कहा कि सुखबीर और बादल परिवार के मैंबर द्वारा शिरोमणि अकाली दल के पंथक पार्टी होने का दावा किया जाता है कि वह सिख पंथ के अकेले वारिस हैं।
सुखबीर बादल की तरन तारन जिले और अमृतसर के गाँव मुच्छल में प्रभावित परिवारों के साथ की गई मुलाकात को स्पष्ट तौर पर आम लोगों के आँखों में धूल झौंकने और मगरमच्छ के आंसू बहाना बताते हुए स. सिद्धू ने कहा, ‘‘क्या सुखबीर को पुलिस की गोलीबारी में मारे गए दो नौजवानों के परिवारों को मिलने की फिक्र थी।’’ उस समय सुखबीर बादल के पास गृह विभाग का कार्यभार था जिसके अंतर्गत उनके पास राज्य पुलिस संचालन के पूरे अधिकार थे।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा पंजाब के लोगों के प्रति पवित्र वचनबद्धता को निभाते हुए जहरीली शराब के कारोबार में शामिल सभी दोषियों और सरगना बलविन्दर कौर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए आदेश दिए गए हैं। अवैध शराब के इस काले कारोबार में शामिल राजस्व विभाग और पुलिस के दागी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है इसके साथ ही बड़ी मात्रा में अवैध शराब और ‘लाहन’ जब्त की गई है। मुख्यमंत्री के वादे के मुताबिक उक्त मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा

English






