राष्ट्रीय उत्थान में महिलाओं की भूमिका सदा सर्वदा महत्वपूर्ण रही है-सुश्री उषा ठाकुर

चंडीगढ़  02 अगस्त 2021 

हमारे देश की वीरांगनाओं ने आक्रमणकारियों को धूल चटाने का इतिहास बनाया है-डॉ. स्वामी रामेश्वरानन्द
माताओं ने अपने पुत्रों को बलिदान करवाकर तप और त्याग का मार्ग दिखाया-बिहारीलाल
दादी गुजरी जी के संस्कारों ने ही बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह को
र्ध्म की रक्षा के लिए अडोल बनाया -अविनाश जायसवाल
नई दिल्ली-अ.भा. सामाजिक समरसता मंच के तत्वावधान में श्री गुरु तेगबहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व वर्ष को समर्पित ऑनलाइन वेबीनार में मुख्य अतिथि सुश्री उषा ठाकुर जी-पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री-मध्यप्रदेश ने बोलते हुए कहा कि राष्ट्रीय उत्थान में महिलाओं की भूमिका सदा सर्वदा महत्वपूर्ण रही है। आधुनिक काल में महिलाएं जहां आकाश को छू रही हैं, वहीं वे वैज्ञानिक, राजनीति, धर्म, समाज, संस्कृति में आदर्श बनकर काम कर रही हैं।
श्रद्धेय निर्मले संत डॉ. स्वामी रामेश्वरानन्द जी (न्यूरो सर्जन) ने कहा कि हमारे देश की वीरांगनाओं ने आक्रमणकारियों को ध्ूल चटाने का इतिहास बनाया है। ग्वालियर की महारानी लक्ष्मीबाई सहित दुर्गाभावी डॉ. लक्ष्मी सहगल, माई भागो ने युग की आवश्यकता के अनुसार अपनी शक्तियों का प्रकटावा करके महिलाओं को प्रेरणास्रोत बना दिया।
मंच के अ.भा. महामंत्राी श्री बिहारीलाल जी ने कोरोना कार्यकाल में वेबीनार के आयोजकों को लख-लख बधई देते हुए कहा है कि महिलाओं ने माता के रूप में देश, र्ध्म, समाज की रक्षा के लिए अपने पुत्रों को बलिदान करवाकर त्याग और तप का मार्ग दिखाया है। सिकंदर के भारत में प्रवेश करते हुए अपफगानिस्तान में 13वर्षीय पठान बालिका ने अपने तीर से सिकन्दर की छाती को बींध था, वह अपने देश वापिस लोटते हुए ही मार्ग में मृत्यु को प्राप्त हुआ था।
वेबीनार की अध्यक्षा बीबी नीरू सिंह ज्ञानी-निदेशक-पंजाबी साहित्य एकादमी ;म.प्र.द्ध ने वेबीनार से जुड़े
धर्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों की संयोजिकाओं का आभार प्रदर्शित करते हुए कहा कि हमारी बहनों-बेटियों तथा माताओं को ही आज के सपफल आयोजन का श्रेय जाता है। आने वाले समय में श्री गुरु तेबहादुर जी के संदेश को ग्वालियर, म.प्र.,देश-विदेश में पहुंचाने का संकल्प ही श्री गुरु तेगबहादुर जी को स्मरण करने का सौभाग्य प्राप्त करेंगी।
विशिष्ठ अतिथि श्री अविनाश जायसवाल जी-अ.भा. महासचिव-सामाजिक समरसता मंच ने दादी गुजरी के दिए गए संस्कारों ने ही अपने दो पोते बाबा जोरावर सिंह, बाबा पफतेह सिंह 9 और 7 वर्ष की आयु में पंथ की रक्षा के लिए जीवित दीवरों में चुनना स्वीकार किया। माँ जीजाबाई के दिए गए संस्कारों ने अपने पुत्रा शिवाजी को हिन्दू साम्राज्य की स्थापना करने का गौरव प्राप्त किया। श्री जायसवाल जी ने पहली, दूसरी तथा तीसरी संभावित कोरोना महामारी में माताओं, बहनों, बेटियों का जो योगदान रहा है-रहेगा, उसके परिणाम स्वरूप ही तीसरी लहर पर हम विजय प्राप्त करके दिखाएंगे।
विशिष्ठ अतिथि डॉ. निशा ठाकुर-स्त्राी रोग विशेषज्ञ, स. गुरदीप सिंह खनूजा-भोपाल, बीबी जसमीत कौर सेट्ठी-देहरादून, खालसा वेलपफेअर क्लब इन्दौर म.प्र.-श्रीमती अंजलि कपूर ध्मेजा-प्रदेश प्रवक्ता-भाजपा-दिल्ली एन.सी.आर, बीबी सतबीर कौर-दिल्ली प्रदेश महासचिव-सामाजिक समरसता मंच, श्रीमती परवीन भारती-जिला सचिव भाजपा महिला मोर्चा-जालंध्र ;पंजाबद्ध, श्रीमती निक्की सोहेल, श्रीमती नीता चावला, बीबी आशा किरण, बीबी सिमरन कौर तथा संचालिका बीबी अमृत कौर-गुरबाणी प्रचारक-उज्जैन (म.प्र.) ने वेबीनार में जुड़ने के लिए आभार प्रदर्शित किया।