‘आप’ ने बादल, बैंसों और कांग्रेस को दिया झटका 

aap punjab

-गज्जणमाजरा, नरेश कटारिया,चौधरी रमेश, खींडा व समाज सेवी मेघवाल हुए ‘आप’ में शामिल
-भगवंत मान, हरपाल सिंह चीमा, जरनैल सिंह और बीबी माणूंके ने किया स्वागत

लुधियाना, 17 अगस्त 2020
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में सोमवार को कांग्रेस, अकाली दल (बादल) और लोक इंसाफ पार्टी से सम्बन्धित आधा दर्जन नामवर नेतागण व समाज सेवी रस्मी तौर पर शामिल हो गए।
‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान, नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा, पंजाब के इंचार्ज और विधायक जरनैल सिंह, विपक्ष की उप नेता सरबजीत कौर माणूंके ने लोक इंसाफ पार्टी (लीप) के महा सचिव जसवंत सिंह गज्जणमाजरा, सीनियर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक नरेश कटारिया, पठानकोट से सम्बन्धित कांग्रेस के सीनियर नेता चौधरी रमेश, अकाली दल (बादल) के मालवा जोन के बीसी विंग के अध्यक्ष शमिन्दर सिंह खींडा और प्रसिद्ध समाज सेवी संघ के महा सचिव रमेश मेघवाल (बल्लूआना) और उनके समर्थकों की प्रैस कान्फ्रैंस के दौरान रस्मी तौर शामिल करवाया गया और जोरदार स्वागत किया।
इस मौके भगवंत मान ने कहा कि ‘आप’ के परिवार में हर रोज विस्तार होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि लोगों के साथ-साथ कांग्रेस, अकाली-भाजपा और अन्य पार्टियों के पंजाब प्रति चिंता रखने वाले नेताओं में भारी बेचैनी है और उनको केजरीवाल का लोक समर्थकी, इमानदार और विकास मॅडल ही एक मात्र उम्मीद के तौर पर दिखाई देता है।
भगवंत मान ने कहा कि बिना किसी शर्त और लोभ-लालच आम आदमी पार्टी का पल्ला पकडऩे वाले इन नेताओं के मन में पंजाब और पंजाब के लोगों प्रति दर्द है। मान ने समूह पंजाबियों को आह्वान करते पंजाब से माफिया राज और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए आम आदमी पार्टी का साथ दें।
इस मौके जरनैल सिंह और हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पूरे पंजाब और दुनिया भर में रहते पंजाबियों को सिर्फ आम आदमी पार्टी से ही उम्मीद हैं, क्योंकि अरविन्द केजरीवाल सरकार ने फरवरी 2020 की वोट के दौरान चुनाव मैनीफैस्टो के सभी वायदे पूरे कर काम की राजनीति के नाम पर वोट मांगे और लोगों ने प्रचंड बहुमत देकर ‘आप’ के विकास मॉडल पर मोहर लगाई, दूसरी तरफ श्री गुटका साहिब की कसम खा कर वायदे करने वाला राजा अमरिन्दर सिंह सभी वायदों से पलट गया और पंजाब को ओर बरबाद कर दिया।
इस मौके विधायक मीत हेयर, गैरी वडि़ंग, सुरेश गोयल, नवदीप सिंह संघा, नवजोत सिंह जर्ग, रवीन्द्र भल्ला और अन्य नेता भी मौजूद थे।