कहा कि दोनों सरकारें बेअदबी के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने में नाकाम रही हैं ,जिसके कारण पिछले 10 सालों में दर्ज ऐसे 597 मामलों में से केवल 44 लोगों को ही दोषी करार दिया गया
आम आदमी पार्टी द्वारा राजनीतिक रैलियों के आयोजन के लिए सरकारी फंडों का इस्तेमाल करना निंदनीय, राज्यपाल से इस घोटाले की स्वतंत्र जांच का आदेश देने का आग्रह किया
जैतों/ 31 मार्च 2026
शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों सरकारों को बेअदबी के मुददे पर राजनीति करने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सवाल किया कि दोनों सरकारों ने बेअदबी के मामलों मे कड़ी कार्रवाई क्यों नही की और केवल 597 मामलों में से केवल 44 को ही दोषी क्यों ठहराया गया।
अकाली दल अध्यक्ष एक खबर पर प्रतिक्रिया दे रहे थे , जिसमें कहा गया था कि पंजाब में पिछले दस सालों में बेअदबी की 597 घटनाएं हुई और जिसमें से 99 लोगों को बरी किया गया है।
पार्टी के पंजाब बचाओ अभियान के दौरान हलका इंचार्ज सूबा सिंह बादल के साथ एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,‘‘ मैं पूछना चाहता हूं कि बलजीत सिंह दादूवाल और ध्यान सिंह मंड जैसे पंथ के स्वयंभू नेता कहा हैं? उन्होने 597 जगहों में से एक भी जगह का दौरा क्यों नही किया, जहां ये बेअदबी की घटनाएं हुई?’’ उन्होने कहा कि यह साफ है इन नेताओं में से एक ने भी ऐसी जगह जाने की जरूरत नही समझी, क्योंकि उनका एकमात्र मकसद 2015 में केंद्रीय एजेंसियों के आदेश पर बरगाड़ी बेअदबी मामले में मिलीभगत का झूठा आरोप लगाकर अकाली दल को बदनाम करना था।
सरदार बादल ने कहा कि वह पंजाबियों को यह भी याद दिलाना चाहते हैं कि पंजाब में बेअदबी की घटनाएं 2014 में आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद से ही शुरू हुई । उन्होने कहा ,‘‘ आप विधायक नरेश यादव को बेअदबी के मामले में दोषी ठहराया गया था, जबकि आप पार्टी ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की थी, और अपने वरिष्ठ नेताओं हरपाल चीमा और हरजोत बैंस को अदालत में उनका बचाव करने के लिए मैदान में उतारा था।’’
सरदार बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पंजाब के स्कूलों को शिक्षा में नंबर एक बताने के झूठे दावों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी सरकार द्वारा स्थापित एक नए स्कूल के बारे में बताना चाहिए और यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि शिक्षकों की नई भर्ती क्यों नही की जा रही है और स्कूलों की दोबारा लीपापोती करके उन्हें ‘स्कूल आॅफ एमिनेंस’ नाम क्यों दिया जा रहा है? उन्होने कहा ,‘‘ यह साफ है कि राष्ट्रीय उपलब्धि सवैक्षण में रैंकिग का दावा करने के लिए आंकड़ों में हेराफेरी की जा रही है, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वयं एक बार नकली सर्वेक्षण बताया था।’’
अकाली दल अध्यक्ष ने राज्य में सामने आ रहे एक नए घोटाले के बारे में बात करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पिछले महीने सरकारी खर्च पर न केवल मोगा में रैली आयोजित की, बल्कि राज्य के खजाने के खर्च पर पूरे पंजाब में 16 हजार रैलियां, मीटिंगें और ग्राम सभाएं आयोजित करने की भी योजना बनाई है। उन्होने कहा,‘‘यह सैंकड़ो करोड़ रूपये का घोटाला है, क्योंकि आम आदमी पार्टी सरकार टेंट , कुर्सियां और खाने-पीने की चीजों के ठेके मनमानी दरों पर दे रही है और अपने कमीशन के रूप में भारी रकम वापिस ले रही है। ऐसा तब किया जा रहा है कि जब राज्य में ऐसी रैलियां आयोजित करने के लिए बड़े-बड़े शेड उपलब्ध हैं।’’
सरदार बादल ने कहा कि केवल स्वंतत्र जांच से ही इस घोटाला उजागर हो सकता है और उन्होने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से स्वतंत्र जांच का आदेश देने का आग्रह किया ताकि आम आदमी पार्टी से भ्रष्टाचार में मिले पैसों को वसूला जा सके।
अकाली दल अध्यक्ष ने गुजरात में चल रहे चुनाव प्रचार के दौरान फर्जी दावे करने के लिए आम आदमी पार्टी की कड़ी निंदा की। उन्होने कहा कि भगवंत मान ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार ने हर चार गांव के बाद मंडियां स्थापित की है, जबकि अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने महिलाओं को 1000 रूपया प्रति माह का भत्ता देना शुरू कर दिया है।
पंजाब के लिए अपना दृष्टिकोण बताते हुए सरदार बादल ने कहा कि अकाली दल राज्य का पानी राजस्थान नहर में नही बहने देगा। उन्होने कहा,‘‘ राजस्थान नहर से मोड़ा गया सारा पानी पंजाब के खेतों में भेजा जाएगा।’’ उन्होने घोषणा की कि टयूबवैल कनेक्शन से वंचित सभी किसानों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होने कहा,‘‘ किसानो को दिन के समय 12 घंटे बिजली की सुविधा भी दी जाने की घोषणा की। उन्होने वल्र्ड स्क्लि यूनिवर्सिटी स्थापित करने की भी घोषणा की जिससे प्रत्येक साल एक लाख युवा कौशल हासिल करेंगें और हर जिले में इसके केंद्र स्थापित किए जाएंगें।
अकाली दल अध्यक्ष ने घोषणा की कि नौजवानों को 10 लाख का ब्याज मुक्त कर्जा दिया जाएगा साथ ही आटा-दाल योजना को दोबारा शुरू किया जाएगा और बुढ़ापा पेंशन को बढ़ाकर 3100 रूपये प्रति माह और शगुन भत्ता को बढ़ाकर 1 लाख रूपये कर दिया जाएगा। उन्होने यह भी घोषणा की कि सरकारी नौकरियां केवल पंजाबियों को ही दी जाएंगी और अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और मेधावी छात्रों को स्नातक स्तर तक की शिक्षा मुफ्त प्रदान की जाएगी।
इस रैली में वरिष्ठ नेताओं में सिकंदर सिंह मलूका, शेर सिंह मंडवाला, मंतर सिंह बराड़, परमबंस सिंह रोमाणा, गुरिंदर कौर भोलूवाला, गुरचेत सिंह बरगाड़ी और यादविंदर सिंह यदी भी मौजूद थे।

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