1000 करोड़ रूपए की लागत से राज्य में जल्द शुरू होंगे तीन सरकारी मैडीकल कॉलेज
कोरोना वायरस का मुकाबला करने में पंजाब के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने निभाई अहम भूमिका
चंडीगढ़, 2 जनवरी:
कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य को चिकित्सा शिक्षा का केन्द्र बनाने के लिए तत्पर है। यह खुलासा आज यहाँ पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री ओम प्रकाश सोनी द्वारा किया गया।
श्री सोनी ने बताया कि मार्च 2020 में जब पंजाब में कोरोना के खतरे को देखते हुए राज्य में लॉकडाऊन/कर्फ़्यू लगाया गया था तो उस समय पंजाब में कोविड सम्बन्धी टैस्ट करने की कोई सुविधा नहीं थी और कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए गए सैपलों को जांच के लिए पुणे की लैब में भेजा जाता था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पंजाब के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य के सरकारी मैडीकल कॉलेजों में कोरोना सम्बन्धी टैस्ट करने के लिए विदेशों से करोड़ों रुपए की लागत वाली मशीनरी मंगवाई गई।
उन्होंने बताया कि राज्य के सरकारी मैडीकल कॉलेजों की 3 लैबों में 21 हज़ार टैस्ट प्रति दिन और 4 अन्य नयी लैबों (2 मोहाली, 1 लुधियाना और 1 जालंधर) में 5500 प्रति दिन टेस्ट किये जा रहे हैं। इस तरह कुल मिलाकर राज्य में 26500 आर.टी.पी.सी.आर. टैस्ट की क्षमता बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मौजूदा समय में सरकारी मैडीकल कॉलेज, पटियाला की लैब 10 हज़ार टैस्ट प्रति दिन करने की क्षमता रखती है जोकि देश की सभी लैबों से अधिक है। इसके अलावा पंजाब में वायरल टेस्टिंग के लिए 7 नयी लैब बनाई गई हैं।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान उनके विभाग ने पंजाब के 3 सरकारी मैडीकल कॉलेजों में तैयार किये गए आईसोलेशन वार्ड में कुल 1500 आईसोलेशन बैडों की व्यवस्था की गई थी जिनमें से 1324 ऑक्सीजन बैड और 392 आई.सी.यू. बैड मरीज़ों के लिए तैयार किये गए थे। इसके अलावा कोविड के मरीज़ों की क्रिटीकल केयर के लिए 277 वेंटिलेटर और 50 हाई फ्लो कनोला का प्रबंध किया गया। पंजाब में तकरीबन 250 प्राईवेट अस्पतालों को कोविड महामारी की लड़ाई लडऩे के लिए साथ जोड़ा गया। इससे राज्य के सरकारी अस्पतालों में काम करते डॉक्टरों और पैरा मैडीकल स्टाफ को इस बीमारी से बचाव रखते हुए कोरोना पीडि़त मरीजों के इलाज की नवीनतम खोजों से अवगत करवाने के लिए एम्ज़ दिली, पी.जी.आई. चण्डीगढ़ के माहिर डॉक्टरों की टीम बनाकर डॉक्टर के.के. तलवार के नेतृत्व में अलग-अलग माहिर ग्रुपों द्वारा सेवाएं निभाईं गर्इं।
उन्होंने बताया कि इस समय के दौरान कैप्टन सरकार की तरफ से राज्य के तीन मैडीकल कॉलेजों में 3 नये प्लाज़्मा बैंक बनाए गए और सरकारी व प्राईवेट अस्पतालों में दाखि़ल पीडि़त मरीजों को मुफ़्त प्लाज़्मा मुहैया करवाया गया। इसी तरह कोविड पोज़ीटिव गर्भवती महिलाओं के लिए 3 मैडीकल कॉलेजों में अलग से सुविधा दी गई। इसके अलावा विभाग की कार्य कुशलता को बढ़ाने के लिए साल 2020 के दौरान 293 डॉक्टरों, 211 नर्सों, 20 पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की गई।
श्री सोनी ने बताया कि साल 2021 के दौरान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को और अधिक चुस्त-दुरुस्त और समय का सथी बनाने के लिए इसमें पोस्टों का अलग से कैडर बनाया जा रहा है। इस समय हैल्थ विभाग और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के कुछ कैडर जैसे कि नर्सें, मनिस्टरियल, रेडीयोग्राफर को अलग किया जायेगा जिससे विभाग की कार्य-कुशलता बढ़ सके और ज़रूरत के अनुसार विभाग की री-स्ट्रकचरिंग की जायेगी।
पंजाब में 3 नये मैडीकल कॉलेज शुरू किये जा रहे हैं जिनकी कुल लागत तकरीबन 1000 करोड़ रुपए है। मैडीकल कॉलेज मोहाली 2021 में शुरू किया जायेगा और एम.बी.बी.एस. के दाखि़ले होंगे। यहाँ नर्सिंग कॉलेज भी बनाया जायेगा। सरकार द्वारा मैडीकल कॉलेज होशियारपुर और कपूरथला के लिए मंजूरी दी जा चुकी है और यह 2022 में शुरू हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस साल जल्द ही राजिन्द्रा हस्पताल पटियाला में बरन यूनिट शुरू किया जायेगा और ट्रॉमा सैंटर भी बनाया जायेगा। अमृतसर में 120 करोड़ रुपए की लागत के साथ तैयार करवाया जा रहा अत्याधुनिक कैंसर सैंटर चालू साल 2021 तक तैयार हो जायेगा। इस सैंटर में 150 बैडों की व्यवस्था होगी। इसी तरह सरकारी मैडीकल कॉलेज अमृतसर में वायरोलॉजी का अलग विभाग शुरू किया जायेगा। मैडीकल कॉलेज में लैक्चर हॉल, ऐग्ज़ामीनेशन हॉल और होस्टल बनाए जाएंगे जिन पर लगभग 58 करोड़ रुपए का ख़र्च आयेगा। बाउंड्रीवॉल, मॉर्चरी, नर्सिंग होस्टल, लाऊंड्री प्लांट आदि के कामों के लिए तकरीबन 28 करोड़ रुपए ख़र्च किये जाएंगे। अमृतसर मैडीकल कॉलेज में बिजली की कमी को पूरा करने के लिए नया सब-स्टेशन बनाया जायेगा।
उन्होंने कहा कि फरीदकोट में सुपर-स्पैशलिस्टी ब्लॉक और 5 नये ऑपरेशन थियेटर बनाए जा रहे हैं। जलालाबाद में 2 और गोइन्दवाल साहिब में 1 नया होस्टल बनाया जायेगा और इसके साथ ही फार्मेसी की बिल्डिंग बनाई जा रही है जिसकी लागत लगभग 5 करोड़ रुपए होगी। बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी के हस्पताल बादल और जलालाबाद में डिप्लोमा कोर्स शुरू किये जा रहे हैं जबकि खेलो इंडिया खेलो स्कीम अधीन 6 करोड़ रुपए की लागत के साथ बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी फरीदकोट में इन्डोर स्टेडियम बनाया जा रहा है।
पंजाब सरकार की तरफ से 550 करोड़ रुपए की लागत के साथ मोहाली में स्टेट ऑफ दी आर्ट एडवांस वायरोलॉजी सैंटर की स्थापना के लिए कार्यवाही आरंभ कर दी गई है। जिसमें वायरोलॉजी सम्बन्धी पढ़ाई, रिसर्च और टैस्ट की सुविधा मुहैया करवाई जायेगी। यह प्रोजैक्ट आई.सी.एम.आर. की तरफ से स्वीकृत किया गया है। यह ट्रगवी ज़अदज़ में इस जैसा पहला प्रोजैक्ट होगा। डैंटल कॉलेज पटियाला और अमृतसर में नयी पोस्टों की रचना करने के उपरांत भर्ती की जायेगी। संगरूर में पी.जी.आई. सैटलाईट सैंटर को 2021-22 में मुकम्मल किया जायेगा और सैटलाईट सैंटर फिऱोज़पुर का निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा। आयुर्वैदिक कॉलेज पटियाला में नयी पोस्टें बनाकर भर्ती की जायेगी। गुरू रविदास आयुर्वैदिक यूनिवर्सिटी, होशियारपुर में नया कॉलेज और हस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव है। यूनिवर्सिटी की तरफ से पी.जी.आई., चण्डीगढ़ के साथ रिसर्च प्रोजैक्ट शुरू करने के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये गये हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में घर-घर रोजग़ार स्कीम अधीन चालू साल के दौरान 726 भर्ती करने का प्रस्ताव है जिसमें 142 डॉक्टर, 189 नर्स और 234 टैक्नीशियन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि करोना वायरस का मुकाबला करने में पंजाब के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने अहम भूमिका निभाई है जिसके फलस्वरूप पंजाब में इस महामरी के साथ ज़्यादा जानी नुकसानी नहीं हुआ है।

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