बीबा हरसिमरत कौर बादल ने एनसीडब्ल्यू के अध्यक्ष से मुलाकात कर मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहंचाने वाली टिप्पणी करने के लिए कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया

चंडीगढ़, 17 मार्च 2026

शिरोमणी अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा सांसद बीबा हरसिमरत कौर बादल ने आज राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर से लुधियाना में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में महिलाओं के खिलाफ गलत बयान, अपमानजनक और यौन रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

बठिंडा सांसद ने कल शाम राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष से मुलाकात कर उन्हे अवगत कराया कि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में यौन उत्पीड़न और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी की है इसीलिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। बीबा हरसिमरत कौर बादल ने आयोग की अध्यक्ष से कहा कि यह बेहद जरूरी है ताकि एक कड़ा संदेश दिया जा सके कि महिलाओं को इस तरह वस्तु की तरह न देखा जा सकता।

इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बीबा बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान विस्तार से बताया कि कैसे उन्होने अपने दोस्तों के सामने एक लड़की के साथ रिश्ते का झूठा दावा किया था। उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री ने उस लड़की को उसके कपड़ों के आधर पर ‘‘ पीली ततैया’, ‘‘ पाकिस्तान का झंडा’’ ‘‘बाम्ब शेल’’ जैसे शब्दों से संबोधित करके उसका अपमान भी किया।

सांसद ने कहा कि इससे भी ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि काॅलेज के दिनों में उनके प्रस्ताव को ठुकराने वाली लड़कियों में से एक काॅलेज के समारोह में स्वागत के लिए खड़ी थी, जहां उन्होने पढ़ाई की थी और उन्हें मंच कलाकार बनने के बाद मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।  बीबा बादल ने कहा कि जिस तरह से यह किस्सा सुनाया गया, उससे उस महिला के साहस के बारे में बताते हुए कहा कि कैसे एक महिला जिसने उनके प्रस्तावों को अस्वीकार करने का साहस किया था उसे बाद में अपनी शक्ति और अधिकार का प्रदर्शन करने के लिए आधिकारिक समारोह में औपचारिक रूप में उनका स्वागत करने के लिए कहा गया।

बठिंडा सांसद ने एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष से कहा कि जब किसी राज्य का सर्वोच्च अधिकारी सार्वजनिक रूप से संवेदनशील लोगों की सभा में महिलाओं के बारे इस तरह की बात करना कितना आपत्तिजनक है- और इसने एक खतरनाक संदेश दिया कि सार्वजनिक मनोरंजन और सस्ते रोमांच के लिए महिलाओं की गरिमा को कम किया जा सकता है और उनकी पहचान को केवल उनकी उपस्थिति तक सीमित कर दिया जा सकता है।

बीबा बादल ने कहा कि इस तरहे के कार्यों ने समानता, सम्मान की संस्कृति बनाने के लिए प्रयास करने वाले संस्थानों , नागरिक संगठनों और अनगिनत व्यक्तियों द्वारा सालों से किए गए काम को भी कमजोर कर दिया है। उन्होने कहा,‘‘ इस तरह की कार्रवाई ने महिलाओं और उनकी सुरक्षा को बड़े खतरे में डाला है।

बठिंडा सांसद ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा,‘‘ यह महिलाओं के प्रति नफरत को सामान्य बनाकर और यौन उत्पीड़न को वैध ठहराकर बहुत बड़ा खतरा पैदा किया जा रहा है।’’