नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर हरियाणा में चलेगा जागरूकता अभियान

 

प्रदेशभर में होंगी पदयात्राएं, रैलियां और नुक्कड़ नाटक

चंडीगढ़, 13 अप्रैल 2026

हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर 20 अप्रैल, 2026 तक चलाए जाने वाले राज्यव्यापी जागरूकता अभियान की तैयारियों के लिए समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में जन-जागरूकता एवं सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बैठक के दौरान अधिनियम के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाने और विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। अभियान के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस, टाउन हॉल बैठकें, महिला सम्मेलन, पदयात्राएं, बाइक एवं स्कूटी रैलियां तथा सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों के बीच समन्वित प्रयास, प्रभावी जन संपर्क और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने और प्रदेशभर में जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम के अनुसार, प्रमुख मीडिया केंद्रों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही हैं, जबकि  12 से 15 अप्रैल तक प्रमुख स्थानों पर टाउन हॉल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें महिला नेताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

11 से 16 अप्रैल के बीच महिला सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें महिला वक्ताओं की भागीदारी और समुदाय स्तर पर संवाद पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 15 और 16 अप्रैल को प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में ‘नारी शक्ति पदयात्राएं’ आयोजित की जाएंगी, जिनमें विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूहों, एनसीसी और एनएसएस स्वयंसेवकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

महिला सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से, 13 से 16 अप्रैल के बीच प्रमुख स्थानों पर महिलाओं की विशेष भागीदारी के साथ बाइक एवं स्कूटी रैलियां आयोजित की जाएंगी।

अभियान के दौरान सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी व्यापक उपयोग किया जाएगा। महिला विचारकों द्वारा लेख और विचार प्रकाशित किए जाएंगे, जबकि वीडियो, पॉडकास्ट और ऑनलाइन अभियान के माध्यम से व्यापक जन संपर्क सुनिश्चित किया जाएगा।

जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक, लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम और कला आधारित गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। प्रमुख स्थानों पर ‘नारी शक्ति वाल’ स्थापित किए जाएंगे, जहां महिलाएं अपने विचार साझा कर सकेंगी और इस पहल के समर्थन में अपनी भागीदारी दर्ज कर सकेंगी।

बैठक में बताया गया कि नगर निगमों, नगर परिषदों और पंचायती राज संस्थाओं द्वारा अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, जिन्हें आगे संबंधित प्राधिकरणों को भेजा जाएगा।

बैठक में हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेनू भाटिया, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी, निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी, सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।