27 फरवरी को बलिदान दिवस के अवसर पर हरियाणा बोलेगा वंदे मातरम : सुखविंद्र

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प्रयागराज के अल्फ्रेड पार्क से लाई गई बलिदानी मिट्टी से होंगे तिलक,
– चंद्रशेखर आजाद की वीरता के पलों को किया जाएगा याद

 

चंडीगढ़ : आगामी 27 फरवरी को महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर भाजपा किसान मोर्चा द्वारा प्रदेश की 90 विधानसभाओं में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से चंद्रशेखर आजाद की वीरता को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही प्रयागराज के चंद्रशेखर आजाद पार्क से लाई गई बलिदानी मिट्टी से तिलक किए जाएंगे। बलिदान दिवस के अवसर पर पूरा हरियाणा वंदे मातरम के नारों से गूंज उठेगा। यह जानकारी भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र मांढी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी। किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र मांढी ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के नेतृत्व में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं का एक दल पिछले दिनों प्रयागराज के अल्फ्रेड पार्क में पहुंचा था, जहां चंद्रशेखर आजाद ने 27 फरवरी 1931 को बलिदान दिया था। वहां पहुंच कर उन्होंने चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि अर्पित की। हरियाणा के गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए वे पार्क की पवित्र मिट्टी भी साथ लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि 27 फरवरी को विधानसभा स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों के दौरान चंद्रशेखर आजाद की वीरता के उन पलों को याद किया जाएगा, जिन पलों में उन्होंने देश को आजाद करवाने के लिए क्रांतिकारी गतिविधियों को अंजाम दिया था। जिसमें चाहे असेंबली में बम फोड़ने तथा जॉन सांडर्स की हत्या की योजना की बात हो या फिर काकौरी में वीरता दिखाकर क्रांतिकारियों के लिए सरकारी खजाना लूटने की बात हो, सभी पलों को याद कर आजाद को विधानसभा स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में गांव-गांव से लोग पहुंच कर श्रद्धांजलि देंगे। इसके लिए भाजपा व भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी लगा दी गई हैं।
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किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र मांढी ने कहा कि अंग्रेजों के जासूस रहे धर्मेंद्र गौड़ अपनी पुस्तक में लिखते हैं कि भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की फांसी के दिन नजदीक आने पर उन्हें मुक्त करवाने के लिए चंद्रशेखर आजाद तत्कालीन इलाहाबाद में जवाहर लाल नेहरू से मिलने गए थे। गौड़ ने पुस्तक में लिखा है कि वहां पर आजाद की नेहरू से तकरार हो गई थी। जिसके बाद वे अल्फ्रेड पार्क में पहुंचे थे। मुखबरी होने पर ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें पार्क में घेर लिया। लेकिन चंद्रशेखर आजाद ने अपने संकल्प के अनुसार अपनी ही गोली से बलिदान दे दिया।
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सुखविंद्र मांढी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि चंद्रशेखर आजाद जैसे महान योद्धा, वीरों को देश के इतिहास में जो सम्मान मिलना चाहिए था, वो नहीं मिला। कांग्रेस ने केवल अपने ही इतिहास को आगे बढ़ाने का काम किया। कांग्रेस ने क्रांतिकारी शाखा के इतिहास को छिपाने का काम किया। उन्होंने कहा कि बहुत से विद्वानों, क्रांतिकारियों ने लिखा है कि कांग्रेस ने क्रांतिकारियों का साथ नहीं दिया, लेकिन उनके बलिदान को अपने फायदे के लिए प्रयोग करने का प्रयास किया।
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भाजपा किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र मांढी ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के तहत देश के उन सभी क्रांतिकारियों को याद किया जा रहा है, जिनका इतिहास में जिक्र नहीं है। पिछले दिनों भाजपा पदाधिकारियों का एक दल कालापानी, सेल्यूलर जेल, वाइपर टापू भी पहुंचा था। वहां पर भी क्रांतिकारियों को नमन किया गया था तथा वहां के पानी व मिट्टी को प्रदेश के सभी क्षेत्रों में पहुंचाया गया था।
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पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण अत्रे, भाजपा प्रवक्ता रंजीता मेहता, भाजपा किसान मोर्चा सह प्रभारी हरपाल चिका, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गगन चौधरी, पंचकुला जिला अध्यक्ष स्वर्ण सिंह भी मौजूद थे।