किसान की भलाई के लिए मोदी व मनोहर सरकार सदैव गंभीर : शमशेर खरक

SAMSHER KHARAK
किसान की भलाई के लिए मोदी व मनोहर सरकार सदैव गंभीर : शमशेर खरक
पीएम ने कृषि कानूनों को वापस लेकर मुद्दा विहीन विपक्ष की राजनीति को लगाया ग्रहण।
 रोहतक 23 नवंबर 2021
भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रमुख शमशेर सिंह खरक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों को वापस लिए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने गुरुपर्व के दिन कृषि कानूनों को वापस लिया है। जिस प्रकार प्रधानमंत्री ने कहा “छोटे किसानों की भलाई के लिए बनाए थे कानून और अब देश-हित के लिए वापस ले रहा हूं” इन्हीं शब्दों में प्रधानमंत्री की मूल भावना है।

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खरक ने कहा है कि अपने सात वर्ष के शासनकाल में केन्द्र व प्रदेश की मोदी-मनोहर सरकार, किसानों की भलाई के लिए सदैव गंभीर रही है। किसानों के उत्थान व उनकी आय बढ़ाने के लिए ही तीन कृषि कानून बनाए गये थे लेकिन जब किसानों ने इन्हें वापिस लेने की मांग की तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उदारतापूर्वक तीनों कानून वापिस लेने की घोषणा कर दी। जो स्वागत योग्य है ये बात शमशेर खरक ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कही।
खरक ने कहा कि आज भी केन्द्र व प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण व उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी के चलते केन्द्र व प्रदेश सरकार आए दिन किसान-हित में नई-नई नीतियां बना रही है और हरियाणा प्रदेश की मनोहर सरकार व अन्य राज्यों की भाजपा सरकारें उनका अनुसरण करते हुए किसान हित में काम कर रही है। तीन कृषि कानून बनाना भी किसान हित का ही एक हिस्सा था और इनमें सबसे बड़ी बात ये थी कि किसानों को सीधे मार्केटिंग के लिए प्रोत्साहित किया गया था। यदि किसान सीधे मार्केटिंग करके अपनी फसलें बेचेगा तो निश्चित ही उसकी आमदनी बढ़ेगी और किसान वर्ग को ये बात समझनी भी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान को अपना उत्पाद औने-पौने दामों में किसी अन्य के हवाले करने से अच्छा है कि वह खुद इसकी मार्केटिंग करे और अच्छे दामों पर बेचें ताकि उसकी आमदनी बढ़े। लेकिन पिछले एक साल से विपक्षी दलों द्वारा किसानों को कृषि कानूनों के प्रति बरगलाकर अपना राजनीतिक हित साधने की कोशिश की जा रही थी जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन कृषि कानूनों को वापस लेकर मुद्दा विहीन विपक्ष की राजनीति को ग्रहण लगा दिया है।
खरक ने कहा कि भाजपा की केंद्र व राज्यों की सरकारों ने लगातार किसानों के हित में काम किए हैं चाहे किसानों के सीधा खाते में एक लाख 62 हजार करोड़ रुपये पहुंचाने का काम हो या एमएसपी को बढ़ाने का काम हो। किसानों के हित में मोदी सरकार सदैव खड़ी रही। कृषि बजट को 5 गुना बढ़ाया गया। हर साल कृषि क्षेत्र पर डेढ़ लाख करोड़ का खर्च किया जा रहा है। फसलों की रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी मोदी सरकार के समय में ही हो रही है। एक हजार से ज्यादा मंडियों को ई-नाम से जोड़ा गया पशुपालक, मछली पालन को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिलना शुरू हो गया है। माइक्रो इरिगेशन के फंड आवंटन को दुगना करके 10 हजार करोड़ किया गया है।
खरक ने मोदी सरकार के जनहितैषी कार्यो का जिक्र करते हुए कहा कि फसल बीमा योजना के द्वारा किसान जोखिम फ्री खेती की तरफ बढ़ चुका है। पूरे देश में सोशल हेल्थ कार्ड बनवाए गए हैं। 100   करोड़ से ज्यादा लोगों को फ्री कोरोना वेक्सीन लगाना इसके अलावा ढांचागत विकास में भी कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। फसलों के उत्पादन के साथ-साथ उत्पादक या किसान की ताकत बढ़ाने के लिए काम करने वाली मोदी सरकार कृषि कानूनों को लाई उसके पीछे एक ही मकसद था कि देश के छोटे किसानों को और ताकत मिले, उनको अपनी उपज की सही कीमत मिले तथा उपज को बेचने के विकल्प मिले।