सरकार उद्योगों की बहाली के दौरान अपेक्षित सहायता के लिए वचनबद्ध
चंडीगढ़, 01 अगस्तः
वर्ष 2019-20 के दौरान कोविड महामारी फैलने से पहले जो पंजाब औद्योगिक क्षेत्र 5.33 प्रतिशत की वृद्धि दर से आगे बढ़ रहा था, को उभारते हुए उद्योग मंत्री श्री सुन्दर शाम अरोड़ा ने शनिवार को जोर देकर कहा कि राज्यय सरकार जल्द से जल्द पहले वाली रचनात्मक गति को फिर से प्राप्त करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही।
श्री अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में उद्योग विभाग मजबूती के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से उन उद्योगों की तरफ ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, जो महामारी के कारण जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उद्योगों में विश्वास प्रदान करने के लिए काम जारी है।
कोविड के कारण विश्व स्तर पर पैदा हुई स्थिति की तरफ इशारा करते हुए श्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब किसी भी तरह की कसर बाकी नहीं छोड़ रहा। उन्होंने उद्योग को सरकारी पक्ष से हर तरह की अपेक्षित सहायता का भरोसा देते हुए कहा कि हम उद्योगों की मुश्किलों से पूरी तरह अवगत हैं और इस मुश्किल पड़ाव से बाहर का रास्ता ढूँढने के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।
इस बहाली की निगरानी के लिए प्रसिद्ध अर्थ शास्त्री, योजना आयोग के पूर्व डिप्टी चेयरमैन स. मौनटेक सिंह आहलूवालीया की अध्यक्षता में कैप्टन अमरिन्दर सिंह पहले ही माहिरों की एक समिति गठित कर चुके हैं।
समिति में आर्थिक और उद्योग के अगुआ माहिर शामिल हैं जो राज्यय सरकार को आर्थिकता की बहाली सम्बन्धित अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्य योजनाओं बारे सलाह देंगे। पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह भी आर्थिकता को बहाल करने में राज्यय की सहायता करने के लिए सहमत हुए हैं।
कोविड-19 के फैलने से पैदा हुई अभूतपूर्व चुनौतियों पर बोलते हुए, जिसने पूरे भारत में माँग और आपूर्ति में रुकावटें पैदा कीं और अलग-अलग क्षेत्र जैसे कि पर्यटन, आतिथ्य, उड्डयन आदि रुकावटों को बर्दाश्त कर रहे हैं। चीन से कच्चे माल की स्पलाई में देरी हो रही है, जिसने बड़ी संख्या में निर्माण क्षेत्रों को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि कच्चा माल उत्पादन और उद्योगों को चलाने का स्रोत है। उन्होंने कहा कि आटोमोबाइल, फार्मास्यूटीकल, इलैक्ट्रॉनिक्स, रासायनिक उत्पादों आदि के सैक्टर आदि बड़े स्तर पर प्रभावित हुए हैं।
श्री अरोड़ा ने उद्योगों की सराहना करते हुए कहा कि जब देश वासियों को कोविड से बचाव के लिए एन-95 और एन-99 मास्क और निजी सुरक्षा उपकरणों (पी.पी.ई.) की भारी कमी का सामना करना पड़ा, तो पंजाब के उद्योगों, विशेष तौर पर टेक्स्टाईल उद्योग ने महामारी के दौरान समय की जरूरत के अनुसार मास्क और पी.पी.ई. किटें तैयार करने का विलक्षण कार्य किया।
पंजाब पी.पी.ई. उद्योग 24 मार्च को जीरो पी.पी.ई. यूनिट से लेकर 141 तक मंजूरशुदा बॉडी कवरेज निर्माता हैं। यहाँ 2 बी.आई.एस. से मंजूरशुदा सहित 16 एन-95 निर्माता भी हैं। बॉडी कवरेज के लिए कुल उत्पादन क्षमता 5,49,050 पीस है जिसमें से उपलब्ध अतिरिक्त क्षमता 3,91,950 पीस है।

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